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सिवानी में किसानों का सैलाब: नई खरीद शर्तों के विरोध में 4 घंटे ठप रहा नेशनल हाईवे

सिवानी में किसानों का सैलाब: नई खरीद शर्तों के विरोध में 4 घंटे ठप रहा नेशनल हाईवे

सिवानी मंडी: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज सिवानी में किसानों का जबरदस्त रोष देखने को मिला। हरियाणा सरकार द्वारा गेहूं और सरसों की खरीद में लगाई गई पेचीदा और अनावश्यक शर्तों के विरोध में हजारों किसानों ने तोशाम मोड़ पर इकट्ठा होकर नेशनल हाईवे-52 को लगातार 4 घंटे तक जाम रखा। इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि किसान अपनी फसल की सुगम खरीद और हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
सुबह से ही सिवानी का किसान भवन हजारों किसानों की उपस्थिति से भर गया था। यहाँ से एकजुट होकर किसानों का काफिला तोशाम मोड़ पहुंचा और हाईवे पर डेरा डाल दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान सभा के प्रधान रामकिशन भाकर, कर्ण सिंह जैनावास, विद्याधर पिलानीया, भारतीय किसान यूनियन के मेवा सिंह आर्य और जम्हूरी किसान सभा के दिलबाग सिंह श्योराण ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन किसान नेता दयानन्द पूनिया ने संभाला।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि सरकार मंडियों में ऐसे “काले कानून” और शर्तें लागू कर रही है जिससे किसान परेशान होकर अपनी उपज मंडी में लाना ही बंद कर दे। नेताओं का आरोप है कि सरकार की मंशा धीरे-धीरे मंडियों को पूरी तरह बंद करने की है। इसके साथ ही पिछले 9 महीनों से लंबित 2023 के फसल बीमा क्लेम और हाल ही में हुई ओलावृष्टि की गिरदावरी न होने पर भी गहरा रोष प्रकट किया गया। वक्ताओं ने प्रदेश में बढ़ती महंगाई और गैस की कालाबाजारी को लेकर भी सरकार की नीतियों को किसान-मजदूर विरोधी बताया।
जाम की स्थिति को देखते हुए मार्केट कमेटी के सचिव किसानों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों का पत्र प्राप्त किया। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी कि यदि ये शर्तें तुरंत वापस नहीं ली गईं और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में संयुक्त किसान मोर्चा के हर आह्वान पर सिवानी का किसान बढ़-चढ़कर भाग लेगा और आंदोलन को और भी तेज करेगा।
इस अवसर पर मास्टर जगरोशन, आजाद सिंह मिरान, विक्रम सिवाच, कुलदीप सिंह बड़वा, सुकर्म जागलान और सुभाष श्योराण एडवोकेट सहित अनेक स्थानीय नेताओं ने भी अपने विचार रखे और किसानों की एकजुटता पर बल दिया।

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