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26 नवंबर को पूरे भारत में जिला स्तर पर और राज्य मुख्यालयों पर देशव्यापी विशाल जनसमूह एकत्रीकरण का आह्वान

26 नवंबर को पूरे भारत में जिला स्तर पर और राज्य मुख्यालयों पर देशव्यापी विशाल जनसमूह एकत्रीकरण का आह्वान

नई दिल्ली: सीटीयूज़ और एसकेएम की संयुक्त बैठक में यह संकल्प दोहराया गया कि वे कॉरपोरेट समर्थक, मज़दूर-विरोधी और किसान-विरोधी नीतियों को चुनौती देने के लिए समन्वित, संगठित और एकजुट कार्रवाई जारी रखेंगे।

13 अगस्त 2025 को एसकेएम और सीटीयूज़ द्वारा स्वतंत्र रूप से तथा कुछ स्थानों पर संयुक्त रूप से राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा और कॉरपोरेट लूट के खिलाफ विरोध दिवस मनाया गया था । इसके बाद सीटीयूज़ द्वारा 22 सितंबर 2025 को चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) के खिलाफ काला दिवस मनाने का आह्वान किया गया, जिसे एस के एम ने समर्थन दिया। ये कार्यवाहियां 9 जुलाई को सी टी यूज़ द्वारा आयोजित सफल आम हड़ताल और एस के एम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए जन एकत्रीकरण की निरंतरता थीं।

18 अक्टूबर 2025 की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सी टी यूज़ और एसकेएम अपने-अपने मांगपत्रों के साथ-साथ साझा मुद्दों पर एक महीने से अधिक का व्यापक अभियान चलाएँगे, जो 26 नवंबर 2025 को सभी जिलों और राज्य मुख्यालयों में मज़दूरों और किसानों के विशाल विकेन्द्रीकृत जनसमूह एकत्रीकरण के रूप में परिणत होगा।
हर स्थान पर नेतृत्व द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित मांगों और चिंताओं का ज्ञापन सौंपा जाएगा।

बैठक में यह भी कहा गया कि जनता के बीच जाकर धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की रक्षा और केंद्र सरकार की कॉरपोरेट समर्थक, मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और राष्ट्रविरोधी दमनकारी नीतियों का मुकाबला करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
सरकार अंतरराष्ट्रीय वित्त पूँजी के हित में काम कर रही है और भारतीय किसानों, मज़दूरों तथा छोटे व्यापारों को ट्रंप की टैरिफ नीति के प्रभाव से बचाने में असफल रही है।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सार्वजनिक सेवाओं को निजीकरण और कॉरपोरेट्स को बेचने के नए हमले तेज़ हो गए हैं। इसमें प्रमुख हैं —
बिजली (संशोधन) विधेयक 2025,
श्रम मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट श्रम नीति, राज्य सरकारों को दरकिनार कर चार श्रम संहिताओं के एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रयास, और राज्य मशीनरी के ज़रिए किसानों की ज़मीनों पर कब्ज़ा।

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यह भी निर्णय लिया गया कि संघर्ष को व्यापक जनसमर्थन देने और समाज के अन्य वर्गों के आंदोलनों को समर्थन देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रतिरोध आंदोलन को मज़बूती और दीर्घकालिक स्थायित्व मिल सके।

सी टी यूज़ और एस के एम ने आम जनता से अपील की है कि वे राष्ट्रहित में इन कार्यवाहियों में पूर्ण समर्थन और सहभागिता दें।

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