जालंधर : भारतीय क्रांतिकारी माक्र्सवादी पाटी (आरएमपीआई) की पहलकदमी पर आज जहां देश भक्त यादगार हाल में मनुवादी गुलामी को रूपमान करती जाति-पाति प्रणाली के विरुद्ध एक प्रभावशाली कन्वैनशन की गई। सर्वसाथी रतन सिंह रंधावा, लाल चंद कटारूचक्क, कुलव कर दी गई थी तथा राजकोट (गुजरात) में बर्बर ढंग से पीट-पीट कर मार दिए गए दलित मुकेश वान्या को 2 मिनट का मौन धारण करके श्रद्धांजलि भेंट की गई। जाति-पाति विरोधी इस कन्वैंशन को आरएमपीआई के महासचिव कामरेड मंगत राम पासला, रिपब्लिकन पार्टी के संस्थापक सदस्य बजुर्ग नेता लाहौरी राम बाली, वरिष्ठ दलित चिंतक एडवोकेट एस.एल. विरदी, वरिष्ठ विद्वान डा. करमजीत सिंह, आरएमपीआई के राज्य सचिव हरकंवल सिंह, आरपीआई की नेता संतोष कुमारी ने संबोधन किया। समस्त वक्ताओं ने इस तथ्य को जोरदार ढंग से उभारा कि मोदी सरकार द्वारा देश की सत्ता संभालने के उपरांत मनुवादी मानसिकता को और अधिक बल मिला है। जिसके फलस्वरूप देश भर में औरतों व दलितों पर अत्याचारों में कई गुणा बढ़ौत्तरी हुई है। कामरेड मंगत राम पासला ने मनुवादी अमानवीय परंपरा की इस अर्थात जाति-पाति को समाप्त करने के लिए समस्त इंसाफपसंद तूतीकोरिन (तामिलनाडु) के 11 शहीदों को भी श्रद्धांजलि भेंट की। एक अन्य प्रस्ताव द्वारा डीजल व पैट्रोल की नित्य प्रति बढ़ रही कीमतों पर सख्त गुस्सा प्रकट किया गया तथा केंद्र सरकार से मांग की गई कि इन वस्तुओं की कीमतों को सरकारी कंट्रोल में लाया जाए तथा टैक्सों का बोझ घटाया जाए। कन्वैनशन की कार्यवाही का संचालन कामरेड गुरनाम सिंह दाऊद ने किया। कन्वैनशन के उपरांत कड़कती धूप में शहीद-ए-आजम भगत सिंह चौक तक रोष भरपूर प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मनुवा (हरकंवल सिंह) सचिव पंजाब राज्य कमेटी, आरएमपीआई