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भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आर एम पी आई) द्वारा 12 से 22 नवंबर तक पंजाब में जत्था मार्च

भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आर एम पी आई) द्वारा 12 से 22 नवंबर तक पंजाब में जत्था मार्च

जालंधर : भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आर एम पी आई) द्वारा 12 से 22 नवंबर तक पंजाब में जत्था मार्च करके लोगों को केन्द्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के बारे में जागरूक किया जायेगा। यह घोषणा पार्टी के महासचिव साथी मंगत राम पासला द्वारा आज यहां एक प्रैस कान्फ्रेंस के दौरान की गयी। इस जत्था मार्च का मुख्य नारा है : जन-जन को जगाओ–लुटेरे भगाओ।
उन्होंने बताया कि 12 नवंबर को पार्टी नेताओं की दो टीमें जलियांवाला बाग अमृतसर से दो जत्थों के रूप में चलेंगी। एक जत्थे का नेतृत्व केन्द्रीय समिति सदस्य गुरनाम सिंह दाऊद करेंगे तथा दूसरे जत्थे का नेतृत्व वे खुद करेंगे। पहला जत्था तरनतारन, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, भटिंडा, मानसा, संगरूर, पटियाला, लुधियाना व बरनाला में मार्च करेगा तथा दर्जनों की संख्या में ग्राम स्तरीय सभाओं के अतिरिक्त 30 विशाल जनसभायें करेगा। जबकि दूसरा जत्था अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, शहीद भगतसिंह नगर, रोपड़, मोहाली, जालंधर व कपूरथला जिलों में अनेकों ग्राम स्तरीय सभाओं के अतिरिक्त 30 से 35 के करीब बडी़ जन सभाएं करके लोगों को 10 दिसंबर को पार्टी द्वारा जालंधर में की जा रही विशाल अधिकार रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा।
साथी पासला ने कहा कि इस जत्था मार्च द्वारा मेहनतकश जन समूहों को मौजूदा सरकारों की जनविरोधी नीतियां, जोकि उनकी निरंतर बढ रही मंदहाली, बेरोजगारी, मंहगाई, कुपोषण व भ्रष्टाचार आदि के लिए जिम्मेदार हैं, के प्रति जागरूक करने तथा इन समस्त समस्याओं से निजात पाने के लिए एकजुट होकर जनसंघर्षों को तीव्र करने का आह्वान करेगा। इसके साथ ही यह दोनों जत्थे प्रांत में अकाली-भाजपा व कांग्रेस जैसी पूंजीवाद समर्थक पार्टियों के विकल्प के रूप में एक जनसमर्थक वाम-जनवादी राजनीतिक विकल्प की संभावनाओं को भी पेश करेगा।
कामरेड पासला ने यह भी बताया कि इस 10-दिवसीय निरंतर कार्यक्रम द्वारा पार्टी समूचे देश में बढ़ रहे सांप्रदायिक तनाव के प्रति भी लोगों को सचेत करेगी। उन्होंने कहा कि संघ परिवार द्वारा विषैले सांप्रदायिक मुद्दे उभारकर भारत की राष्ट्रीय एकजुटता व भाईचारक सौहार्द को घातक चोट पहुंचाई जा रही है। यद्यपि आर एस एस प्रत्यक्ष दिशा निर्देशों से संचालित मोदी सरकार इस सांप्रदायिक गुंडागर्दी को रोकने की जगह ऐसे देशद्रोही कारनामों को प्रोत्साहित कर रही है। दूसरी ओर इस सरकार की कार्पोरेट समर्थक आर्थिक नीतियों ने, विषेशतय:नोटबंदी व जी एस टी जैसे घातक व मूर्खतापूर्ण कदमों ने छोटे कारोबारों समेत रोजगार के करोड़ों संसाधनों को बुरी तरह नष्ट कर दिया है। जिससे आम लोगों की सामाजिक-आर्थिक मुश्किलों में तीव्र बढ़ोतरी हुई है। यहां ही बस नहीं, इस सरकार ने समस्त प्रशासनिक, सुरक्षा व शिक्षा ढांचे को भी सांप्रदायिक रंग में रंग दिया है, तथा न्यायपालिका, सी बी आई, केन्द्रीय चुनाव आयोग, आरबीआई जैसे स्वायत्त निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं के स्वतंत्र अस्तित्व व भरोसे योग्यता को गंभीर आघात पहुंचाया है। इसलिए देशभर में अराजकता का वातावरण दिन-प्रति-दिन गंभीर रूप धारण करता जा रहा है।
पंजाब की कांग्रेस सरकार के बारे में टिप्पणी करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि महाराजा अमरिन्दर सिंह की सरकार ने लोगों से चुनावों के समय किया कोई भी वायदा पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा गठजोड़ की सरकार के 10 सालों के कार्यकाल के दौरान सत्ताधारियों की जोर-जबरदस्त्यों व लूट-खसूट के सताए आम लोगों को इस नयी सरकार से बड़ी आशायें थीं, परंतु इस सरकार ने लोगों को कोई भी राहत प्रदान करने की जगह उन पर टैक्सों, बिजली दरों, बस किरायों में बढ़ोतरी करके करोड़ों रुपये का बोझ लाद दिया है, जिस कारण प्रांत के लोगों का हर वर्ग आज भारी बेचैनी में है। अध्यापकों, कर्मचारियों, किसानों, देहाती मजदूरों व अन्य मेहनतकशों के चल रहे संघर्ष सरकार के इस  जनविरोधी व्यवहार का ही परिणाम हैं। इसके अलावा यह सरकार अपनी प्रशासनिक कमियों-कमजोरियों पर काबू पाने की जगह, अपने संकुचित राजनैतिक हितों की पूर्ति के लिए, प्रांत के भीतरी अलगाववादी तत्वों को भी स्पष्ट रूप से हवा दे रही है, जिस से खालिस्तानी दहशतगर्दी के काले दौर जैसे खतरे पुन: उभर सकते हैं।
भारतीय क्रांतिकारी माकर््सवादी पार्टी (आर एम पी आई) के यह जत्थे इन सभी मुद्दों के बारे में लोगों को पार्टी की पहुंच से अवगत करवायेंगे तथा उनसे वाम व जनवादी राजनीतिक विकल्प उभारने का आह्वान करेंगे।

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