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देश की एकता अखंडता के लिए मोदी व उसके सहयोगियों को हराना आवश्यक : पासला

देश की एकता अखंडता के लिए मोदी व उसके सहयोगियों को हराना आवश्यक : पासला

30 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की घोषणा

जालंधर 10, दिसंबर 2018 : भारतीय क्रांतिकारी माक्र्सवादी पार्टी (आरएमपीआई) की केंद्रीय कमेटी की 3 दिवसीय बैठक के समापन पर आज यहां हुई एक विशाल ‘अधिकार रैली’ में जुड़े 50,000 लोगों ने सांप्रदायिक-फाशीवादी हमले तथा नवउदारवादी नीतियों के दमनकारी चक्र को रोकने का प्रण लिया। स्थानीय बर्लटन पार्क में प्रांत के भिन्न-भिन्न कोनों से काफिलों के रूप में आए लोगों की इस बेमिसाल एकत्रता ने यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि लोगों के सब्र का प्याला भर चुका है तथा वे अब जन हितैषी परिवर्तन चाहते हैं।
सर्वसाथी रत्न सिंह रंधावा, रघबीर सिंह, नीलम घुमाण, दर्शन नाहर तथा नत्था सिंह पर आधारित अध्यक्षमंडल के नेतृत्व में हुई इस विशाल ‘अधिकार रैली’ को संबोधन करते हुए पार्टी के महासचिव साथी मंगत राम पासला ने कहा कि मोदी को आगे लगाकर सत्ता पर काबिज हुए आरएसएस ने देश के पूरे ढांचे को अपने पंजे में ले लिया है। न्यायपालिका, कार्यपालिका, रिजर्व बैंक व चुनाव कमिशन जैसे महत्त्वपूर्ण संस्थानों में भी वह दखल दे रही है। कोई भी ऐसी सांवैधानिक संस्था नहीं बची, जिसमें मोदी सरकार ने दखलअंदाजी न की हो।
उन्होंने कहा कि बर्तानवी साम्राज्यवाद के खिलाफ आजादी का संग्राम लड़ते समय स्वतंत्रता सैनानियों ने धर्म-निरपेक्षता व समानता पर आधारित एक स्वस्थ जनहितैषी राज्य के सपने देखे थे, परंतु आज मोदी सरकार साम्राज्यवादी देशों से युद्धनीतिक सहयोग करके देश की पूरी अर्थ-व्यवस्था को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हवाले कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में आरएसएस अपना सांप्रदायिक-फाशीवादी एजेंडा लागू कर रहा है। वे जनवाद व धर्मनिरपेक्षता का गला घोंटकर एक धर्म आधारित राज्य कायम करने की ओर बढ़ रहे हैं। बुनियादी व जनवादी अधिकारों की बात करना तो अब गुनाह हो गया है। ऐसी बात करने वालों को पाकिस्तान या बंगला देश भेजने की धमकियां दी जाती हैं, उन पर हमले किए जाते हैं। कई ऐसे जनसमर्थक बुद्धिजीवी कार्यकत्र्तांओ पर झूठे केस बनाकर जेलों में डाल दिया गया है। इस विशाल रैली को पार्टी के चेयरमैन साथी के.गंगाधरन (तामिलनाडु), कोषाध्यक्ष साथी राजेंदर परांजपे, केंद्रीय कमेटी सदस्य सर्वसाथी टी.कुमारनकुट्टी (केरल), कुलवंत सिंह संधू तथा गुरनाम सिंह दाऊद ने भी संबोधन किया। तेलंगाना से आए एम.सी.पी.आई.(यू) के महासचिव कामरेड मुहम्मद गौंस ने भी रैली को भातृ संदेश दिया।
कम्युनिस्ट नेताओं ने मोदी सरकार द्वारा लागू की जा रही जनविरोधी नीतियों के कारण निरंतर बढ़ रही बेरोजगारी, महंगाई व भ्रष्टाचार की जोरदार शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं आम जन की पहुंच से बाहर हो गई हैं। गरीब लोग कुपोषण व भुखमरी से मर रहे हैं। इन वास्तविक मुद्दों से लोगों को भटकाने के लिए राम मंदिर व गौहत्या जैसे मुद्दों में उलझाया जा रहा है ताकि भाजपा व उसके भ्रष्ट सहियोगियों द्वारा सत्ता पुन: हासिल की जा सके।
वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश की एकता व अखंडता के लिए व पैदा हुए आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी को हराना बहुत जरूरी है। समय की आवश्यकता यह है कि सांप्रदायिक-फाशीवादी व नवउदारवादी नीतियों के मुकाबले के लिए वामपंथी व जनवादी शक्तियां एकजुट होकर जन लामबंदी तेज करें। उन्होंने कहा कि समस्त वामपंथी पार्टियों को चाहिए कि वह एक न्यूनतम कार्यक्रम के आधार पर एक मंच पर इक_ा हों।
रैली के प्रारंभ में आरएमपीआई के प्रांतीय सचिव साथी हरकंवल सिंह ने ‘अधिकार रैली’ के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि देश के लोगों को कदम-कदम पर लूटा जा रहा है। श्रमिक लूटे जा रहे हैं, मंडी में किसान लूटा जा रहा है, टैक्सों का बोझ लादकर आम नागरिक को लूटा जा रहा है। इस लूट के विरुद्ध, अपने जीवन-यापन योग्य स्थाई रोजगार के अधिकार, हर नागरिक के लिए स्वास्थय व समान विद्या के अवसरों, खेती उपज के वाजिब मुल्य से जुड़े किसानों के अधिकारों की प्राप्ति के लिए संघर्ष समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पूंजीवादी व्यवस्था को बदले बिना इन मुश्किलों का हल संभव नहीं है। उन्होंने लोगों को जातीय-वर्गीय व लिंगक मतभेदों से रहित, समानता पर आधारित समाज के निर्माण के लिए संघर्षों के मैदान में डटने का आह्वान किया।
रैली को संबोधन करते हुए केंद्रीय कमेटी सदस्य साथी कुलवंत सिंह संधु ने कहा कि पंजाब के लोगों ने अकाली-भाजपा सत्ता समाप्त करके खुशियां मनाई थीं। उन्हेंं आशा थी कि अब वे माफिया राज से मुक्त हो जाएंगे पर उनकी यह खुशी चार दिन भी नहीं चल सकी।  जो कार्य अकाली भाजपाई करते थे, वही कार्य कांग्रेसियों ने शुरू कर दिया है। अंतर सिर्फ इतना है कि रेत-बजरी-नशा-जमीन माफिया ने अपना रंग बदल लिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के अमन चैन को आग लगाने वाली शक्तियां पुन: सिर उठा रही हैं। इस वातावरण में कैप्टन के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ऐसे तत्वों को शह दे रही है जो लोगों की एकता को तोडऩा चाहते हैं।
केंद्रीय कमेटी सदस्य साथी गुरनाम सिंह दाऊद ने कहा कि मोदी सरकार देश में पुन: मनुवाद लागू करना चाहती है। यही कारण है कि दलितों पर सामाजिक उत्पीडऩ दिन-प्रति-दिन बढ़ता जा रहा है तथा उनसे दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। औरतों से भेद-भाव मोदी के राज्य में और ज्यादा तीव्र हुआ है व बलात्कार की घटनाएं अब रोजाना की बात हो गई हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों का आह्वान किया कि वे संघ परिवार द्वारा लागू किए जा रहे मनुवाद का संगठित रूप में डटकर विरोध करें तथा जातिपाति आधार पर समाज को बांटने की चालों को असफल बनाते हुए वर्गविहीन, जातिविहीन व लिंगक भेदभाव से रहित, समानता पर आधारित एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आगे बढ़ें।
केंद्रीय कमेटी की बैठक में किये गये निर्णयों की रैली में घोषणा करते हुए कामरेड मंगत राम पासला ने बताया कि 30 जनवरी से 6 फरवरी तक लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सारे देश में जिला स्तर पर जन लामबंदी द्वारा धरने व प्रदर्शन किए जायेंगे तथा धर्मनिरपेक्षता व जनवाद की रक्षा के लिए राज्य स्तर पर सैमीनार आयोजित किए जायेंगे। यह निर्णय भी लिया गया कि मार्च के पहले पंद्रहवाड़े में ‘दलितों पर बढ़ रहे अत्याचारों’ के विषय पर दिल्ली में एक विशाल कन्वैनशन की जायेगी।
रैली के दौरान पार्टी के चेयरमैन साथी के.गंगाधरन ने ‘संग्रामी लहर’ के हिंदी अंक का लोकार्पण किया तथा आशा प्रकट की   कि इस पत्रिका द्वारा पार्टी अपनी समझदारी लोगों के व्यापक हिस्सों तक पहुंचाने में सफल रहेगी।

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