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चंडीगढ़ बारे केंद्र के ग़ैर लोकतांत्रिक नोटिफिकेशन आधार किसी देरी रद्द किया जाये – पासला, हरकंवल

चंडीगढ़ बारे केंद्र के ग़ैर लोकतांत्रिक नोटिफिकेशन आधार किसी देरी रद्द किया जाये – पासला, हरकंवल

नोटिफिकेशन खि़लाफ़ आरएमपीआई हर स्तर पर संघर्ष शुरु करेगी
जालंधर : भारतीय इंकलाबी मार्कसवादी पार्टी (आरएमपीआई) ने चंडीगढ़ पर पंजाब के सभी अधिकार समाप्त करन वाले, केंद्र सरकार के हाल ही में जारी हुए नोटिफिकेशन की ज़ोरदार निंदा करते इस ग़ैर लोकतांत्रिक नोटिफिकेशन को बिना देरी रद्द करन की माँग की है। आज यहाँ से जारी किये एक संयुक्त ब्यान के जरिए पार्टी के महासचिव साथी मंगत राम पासला और पंजाब के सचिव साथी हरकंवल सिंह ने कहा है कि यह नोटिफिकेशन मोदी सरकार के तानाशाही रवैये का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उक्त नोटिफिकेशन पंजाब पुनर्गठन कानून (1966) का सीधे तौर पर उल्लंघन है।
    साथी पासला और हरकंवल ने कहा कि पंजाब और हरियाणा दरमियान मतभेद वाले अंतरराजी मुद्दों का काफ़ी हद तक योग्य निर्णय करन वाले राजीव लोंगोवाल समझौते की भी उक्त नोटिफिकेशन में पूरी तरह अनदेखी की गई है। इस तरह करते मोदी सरकार ने यह धारणा ओर मज़बूत की है कि सरकारें अपने ही किये हुए फ़ैसलों और समझौतों की कीमत कौडिय़ों के भाव भी नहीं समझती। नेताओं ने कहा कि यह एक तरफा दस्तावेज़ पंजाबी भाषा का भी चंडीगढ़ में से ख़ात्मा करके हिंदी को कामकाज की मुख्य भाषा बनाने का नादरशाही फरमान है।
इसके अलावा चंडीगढ़ में विभागीय कर्मचारियों की नियुक्ति के संदर्भ में पंजाब और हरियाणा के कर्मचारियों की 60 – 40 के अनुपात में पोस्टों के फार्मूले का भी इस नोटिफिकेशन ने भोग डाल दिया है।
नेताओं ने कहा कि संघ- भाजपा के किरदार और मोदी हकूमत की पिछली चार सालों की तबाहकुन्न कारगुज़ारी की जाँच पड़ताल के आधार पर यह बात बिना किसी शक के कही जा सकती है कि यह नोटिफिकेशन जारी करने पीछे केंद्रीय सरकार की अंधी सांप्रदायिक सोच जि़म्मेदार है। दोनों नेताओं ने इस नोटिफिकेशन को पंजाब- पंजाबियत दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेशों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाले केंद्र सरकार के इस नोटिफिकेशन खि़लाफ़ पार्टी की तरफ से हर स्तर पर संघर्ष शुरु करने का ऐलान करते सभी इंसाफ़पसंद, लोकतांत्रिक, प्रगतिवादी, फैडरलिज़म की हामी धड़े को इस नोटिफिकेशन विरुद्ध एकजुट हो कर संघर्ष में शामिल होने की बात पर जोर दिय़ा है।

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