आज कामरेड जगमाल सिंह को किसान आन्दोलन के तोर हम याद करते है क्योंकि साथी ने एक कर्मचारी होतें हुऐ किसानों के लिए नौकरी से इस्तीफा दिया था साथी भ्रष्टाचार के खिलाफ थे बिजली बोर्ड के कर्मचारी थे कुछ कर्मचारी किसानों से रिश्वतखोरी करते थे इसलिए इस्तीफा दे कर किसान सभा में शामिल हुऐ किसान के लिए काम करते रहे कम्युनिस्ट पार्टी व कम्युनिस्ट लहर में काम किया और एक हकीकी कम्युनिस्ट पार्टी बनाने के लिए 2001 मेरे साथ ही सीपीएम छोड़ कर काम किया साथी ने सीपीएम पंजाब में मेरे साथ शामिल हुऐ लेकिन आर एम पी आई बनाने से पहले अचानक बीमार होने के कारण हमें छोड़ कर चलेगे साथी ने 2008 में जम्हूरी किसान सभा का भी गंठन किया लेकिन हालतें ऐसे थे की सगठन नहीं मजबूत हो सका ना कोई ऐसा अन्दोलन किसानों का चल पाया लेकिन साथी कहते थे कि ड़गल गेट समझोता एक ना एक दिन किसानों की जमीन खोश लेगा अगर किसान ना संगठत हुऐ आज किसान आन्दोलन इतिहासक आन्दोलन चल रहा इस लिए कामरेड जगमाल सिंह को ये आन्दोलन याद करता है
9 बरसीं पर कामरेड जगमाल सिंह को लाल सलाम