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राज्यों से.. (संग्रामी लहर फरवरी २०१९)

राज्यों से.. (संग्रामी लहर फरवरी २०१९)

तामिलनाडु डायरी

भारतीय क्रांतिकारी माक्र्सवादी पार्टी की तामिलनाडु राज्य कमेटी की बैठक
आर.एम.पी.आई. की तामिलनाडु राज्य कमेटी की बैठक 29 दिसंबर को को यंबटूर में पार्टी के राज्य अध्यक्ष कामरेड एम.राजगोपाल की अध्यक्षता में की गई। इसमें पार्टी के अखिल भारतीय अध्यक्ष कामरेड के.गंगाधरन ने विशेष रूप में भाग लिया। पार्टी के चेन्नई जिला अध्यक्ष साथी एन.पी.सुंदर व्हील चेयर पर इस बैठक में शामिल हुये।
इस बैठक में निम्न अनुसार निर्णय लिये गये :
पार्टी फंड के कोटे जो 18 नवंबर की बैठक में तय किये गये थे, 31 जनवरी तक हर हालत में पूरे करने के लिए सभी जिला कमेटियों से आग्रह किया गया।
केंद्रीय कमेटी के निर्णय के अनुसार 30 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर पर मेहनतकश जनता की ज्वलंत मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के लिए योजनाबंदी की गई।
केंद्रीय कमेटी के निर्णय के अनुसार ही 9 फरवरी को प्रांत के जिला कुड्डालोर के शहर विरुधाचलम में ‘धर्मनिरपेक्षता व जनवाद’ के विषय पर सैमीनार करने का फैसला किया गया। जिसमें पार्टी के अखिल भारतीय अध्यक्ष साथी के. गंगाधरन व स्टैंडिग कमेटी सदस्य साथी के.एस.हरिहरन विशेष रूप में भाग लेंगे। इसमें पूरे प्रांत से शिरकत के लिए जिलावार साथियों की उपस्थिति के कोटे भी निर्धारित किये गये।
प्रांत की सांस्कृतिक संस्था ‘तामिलनाडु कालाई ईलाक्किया पेरावई’ 17 जनवरी को एक कार्यक्रम में राज्य में अंतर-जातीय विवाहों को प्रोत्साहित करने वाली फिल्म ‘पारियेरूम पेरूमल’ (धुड़सवार पेरूमल) के निर्देशक व कलाकारों को सम्मानित करने जा रही है। इस कार्यक्रम में भाग लेने का निर्णय लिया गया। पार्टी के अखिल भारतीय अध्यक्ष साथी के.गंगाधरन इस कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण करेंगे।
तामिलनाडु ट्रेड यूनियन कन्फैडरेशन (टी.टी.यू.सी.) के नेतृत्व में पूरे प्रांत में कार्य करने वाली आटो चालक यूनियनों के आधार पर एक प्रांतीय यूनियन गठित करने के लिए 26 जनवरी को सलेम में एक सम्मेलन किया जायेगा। इस सम्मेलन में हर जिले से कम से कम 10 सदस्य भेजने का निर्णय लिया गया। इसी तरह हैंडलूम व टैक्सटाईल कामगरों का भी निकट भविष्य में प्रांतिय आधार भर संगठन बनाया जायेगा।
बैठक में एम.सी.पी.आई.(यू) के साथ चल रही एकता वार्ता की प्रगति के बारे में भी रिपोर्ट की गई।
अंत में साथी के.गंगाधरन द्वारा अपने समापन भाषण में सभी सदस्यों का इन निर्णयों का पालन करने तथा संबंधित कार्यों को पूर्ण करने का आह्वान किया गया।

तामिलनाडु वूमैंस एसोसियेशन का जिला सम्मेलन
तामिलनाडु वूमैंस एसोसियेशन की सलेम जिला ईकाई का चौथा जिला सम्मेलन विजयरागवाचारी हाल में किया गया। 2000 की सदस्यता का प्रतिनिधित्व करते 100 डैलीगेटों ने इसमें भाग लिया। सम्मेलन की अध्यक्षता स्त्री नेता कामरेड एम. कलईवाणी ने की। आर.एम.पी.आई. के जिला सचिव कामरेड के.टी. राज ने इसका उद्घाटन किया। वूमैंस एसोसियेशन की सलेम इकाई की सचिव कामरेड एम.भुवनेश्वरी ने पिछले समय की कार्य-रिपोर्ट पेश की।
15 सदस्यीय टीम का आने वाले समय के लिये चुनाव किया गया, जिसमें कामरेड सुमति अम्माल अध्यक्ष, एम. भुवनेश्वरी, सचिव व कामरेड एम. कलईवाणी, कोषाध्यक्ष चुने गये।
इस सम्मेलन को नौजवान संगठन की ओर से कामरेड सुमन टी.टी.यू.सी. की ओर से एम. राजगोपाल, हैंडलूम व टैक्सटाईल वर्कर्स एसोसियेशन की ओर से कामरेड पी.नागराज, किसान संगठन की ओर से एस.कविता ने भी संबोधन किया।

आटो रिक्शा चालक संगठन की सरगर्मियां
तामिलनाडु ट्रेड यूनियन कन्फैडरेशन (टी.टी.यू.सी.) से संबंधित आटो चालक संगठन की सलेम इकाई द्वारा राज्य में चल रहे संक्रामक बुखार से आम जनता की रक्षा  के लिये अभियान चलाया गया। इसके अंर्तगत 15000 लोगों को एक ‘पेय पदार्थ’ वितरित किया गया जो इस बुखार से रक्षा करता है तथा इसके विरुद्ध रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करता है। 26 नवंबर से 2 दिसंबर तक चले इस अभियान में टी.टी.यू.सी. की ओर से आटो चालक संगठन प्रभारी कामरेड के.टी.राज, वैंकटेश, सक्तिवेल, मुरूगेसन, मुरूगन, मोहन, मंसूर, मरिअप्पन, पनीरसेलवम, सिवकुमार, कवन तथा स्त्री नेता भुवनेश्वरी ने विशेष रूप में भाग लिया।

तामिलनाडु वूमैंस एसोसियेशन की सरगर्मियां
तामिलनाडु वूमैंस एसोसियेशन की सलेम शहरी ईकाई द्वारा 11 दिसंबर को शहर के स्त्री पुलिस थाने में औरतों से हो रही ज्यादतियों जैसे कि उनके बारे में अपशब्दों का प्रयोग, उन्हें खाद्य पदार्थ, काफी, भोजन आदि लाने के लिये मजबूर करना, जांच आदि में जानबूझ कर देरी करना व अन्य उत्पीडऩ के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन सलेम के डाकघर के समक्ष किया गया, जिसकी अध्यक्षता कामरेड एम. भुवनेश्वरी ने की।
सलेम जिले में दिन-प्रति दिन स्त्रियों के विरुद्ध अपराध बढ़ते जा रहे हैं तथा स्थानीय पुलिस विभाग को बार-बार चेतावनी के बावजूद उसकी आपराधिक तत्त्वों से सांठगांठ होने के कारण उनके विरुद्ध कोई गंभीर कार्यवाही नहीं की जा रही। इस मुद्दे को लेकर 14 दिसंबर को सलेम शहर में तामिलनाडु वूमैंस एसोसियेशन के बैनर तले एक प्रदर्शन किया गया।
इन दोनों ही प्रदर्शनों को वूमैंस एसोसियेशन के नेतृत्व के अतिरिक्त टी.टी.यू.सी. की ओर से कामरेड के.टी.राज, कविता, किसान संगठन, वैंकटेश, गोकुल, सुमन, नौजवान संगठन, मागेश्वरी, घरेलु मजदूर संगठन तथा कलईवानी व सुमति अम्माल ने संबोधन किया।  

हरियाणा डायरी
किसान संघर्ष समिति हरियाणा का सदस्यता अभियान
किसान संघर्ष समिति हरियाणा ने अपना सदस्यता अभियान शुरू किया। बाबा गुरबचन सिंह, मलकीत सिंह रंधावा, एक्स एमसी रूप सिंह खोखर, कामरेड दर्शन सिंह लांबा, मनदीप नथवान के नेतृत्व में सदस्यता अभियान की शुरुआत की गई। घर-घर जाकर किसानों को संगठन से जोडऩे का काम किया गया। किसान संघर्ष समिति पहले चरण में 2000 बनाएगी। एक मजबूत संगठन किसानों का बनेगा जो किसानों की समस्याओं को हल करवाने के लिए सदैव संघर्षों का रास्ता अपना  आज किसानों के हालात क्या हैं यह हम भलीभांति जानते हैं किसानों को फसलों के लाभकारी दाम नहीं मिल रहे, सत्ता प्राप्त करने से पहले राजनीतिक दल किसानों से अनेक वायदे करते हैं सत्ता प्राप्त करने के बाद किसानों के खिलाफ नीतियां लागू की जाती हैं। आज हर राजनीतिक दल किसानों का नाम लेकर वोट बटोरना चाहता है मगर जो किसानों के हालात है उसको बदलने पर कोई बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है। बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों के कर्ज माफ कर दिए गये परंतु किसानों के कर्ज माफी के पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अनाज मंडी में किसानों की फसल के पूरे दाम नहीं मिलते, यूरिया खाद के सात अन्य वस्तुओं को धक्के से किसानों को दिया जाता है, हर तरफ किसानों का शोषण किया जा रहा है, आवारा पशुओं ने किसानों का जीना हराम कर दिया है, गेहूं की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। डीसी फतेहाबाद से जब किसान आवारा पशुओं के मुद्दे को लेकर मिले, जवाब मिला कि किसान खुद इसका इंतजाम करें समय आने पर किसान जवाब जरूर देगा। हैप्पी सीडर से बिजी गई गेहूं खराब हो चुकी है, बीमा कंपनियों द्वारा किसान की मर्जी के बिना ही बीमा काट  लिया जाता है। 6 फरवरी को किसान संघर्ष समिति कर्ज मुक्ति, गेहूं की फसल के मुआवजे की मांग, आवारा पशुओं के समाधान व किसानों की अन्य मांगों को लेकर डीसी दफ्तर फतेहाबाद पर धरना देगी। इसके लिए गांव गांव में जनसंपर्क अभियान शुरू किया जा रहा है, हजारों किसानों को किसान संघर्ष समिति अपना सदस्य बनायेगी। किसानों से अपील है कि वे किसान संगठन में शामिल हो।

नशों के खिलाफ मार्च करके सभा ने किया आग़ाज़ नव वर्ष का
शहीद भगत सिंह नौजवान सभा पंजाब-हरियाणा की युनिट कमेटी ढिंगसरा जिला फतेहाबाद (हरियाणा) की ओर से नववर्ष के आगमन पर नशों के खिलाफ गांव में मार्च निकाला गया। पूरे गांव में ‘नशा नहीं रोजगार दो’, ‘शिक्षा का अधिकार दो’, ‘शहीद भगत सिंह  नौजवान सभा का संदेश, नशा मुक्त हो भारत देश’, ‘अमर शहीदों का पैगाम, जारी रखना है संग्राम’ के नारों से युवाओं व गांववासियों को प्रेरित किया गया। मार्च का नेतृत्व राजेश ढिंगसरा, युनिट प्रधान व सतवीर ढिंगसरा कमेटी मैंबर ने की। गांव के चौक में लोगों को संबोधन करते हुए राज्य प्रधान मनदीप नथवान व जिला प्रधान सुनील सलनीया ने कहा कि आज बेरोजगारी देश में सबसे बड़ी समस्या है। कोई भी सरकार इसका हल निकालने में कामयाब नहीं हो रही। बल्कि नौजवानों को नशों की दलदल में धकेला जा रहा है। मोदी सरकार के हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार देने के वायदे सिर्फ चुनावी जुमले बनकर रह गये हैं। 6000 से 9000 रुपये मासिक भत्ते का वायदा सरकार ने चुनावी मैनीफेस्टो में किया मगर तरह तरह की शर्तें लगाकर युवा वर्ग को परेशान किया जा रहा है। युवाओं को चाहिये कि वो झुठे वायदे करने वाले नेताओं की चालों को समझें और शहीदों के बताये मार्ग पर चलें तभी शहीदों के सपनों को मंजिल तक ले जाया जा सकेगा। जिला सचिव परमजीत लाली ने जोशीले नारे लगाये। जिला महासचिव निर्भय रतिया भी मार्च में शामिल हुए।            

रिपोर्ट : परमजीत लाली,जिला सचिव

देहाती मजदूर सभा की सरगर्मियां
देहाती मजदूर सभा के राज्य कमेटी के आह्वान पर मनरेगा मजदूरों व अन्य मजदूरों की मांगों के लिए रतिया वह नागपुर में दिया गया धरना मनरेगा काम की दिहाड़ी 600 रुपये प्रतिदिन करवाने और काम सारा वर्ष 365 दिन देने, 10-10 मरले के आवासीय प्लाट देने, पीले व गुलाबी कार्ड बनवाने, सरकारी डिपो पर 14 वस्तुएं आधे रेट में दिलवाने व 200 यूनिट बिजली के बिल माफ करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम बीडीपीओ को मांग पत्र सौंपे गए।

ट्रेड यूनियन सरगर्मियां
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर 8 व 9 जनवरी को जिला फतेहाबाद में जन संगठनों के सांझे मोर्चे ने कामरेड तेजिंदर सिंह थिंद के नेतृत्व में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ हड़ताल में बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर भवन एवं अन्य कामगार मजदूर यूनियन जिला फतेहाबाद का दूसरा सम्मेलन संपन्न हुआ जिसमें भूना मंडी में पहले एक आम सभा की गई वह शहर में प्रदर्शन करते हुए विश्वकर्मा धर्मशाला सम्मेलन वाली जगह पर जुझारू कार्यकर्ता पहुंचे वाह झंडे की रस्म अदा करने के बाद जिला का सम्मेलन आरंभ हुआ बाद में एक सत्रह मेंबरी कमेटी का गठन किया गया पंजाब भवन निर्माण यूनियन के प्रधान कामरेड गंगा प्रसाद जी ने मुख्य वक्ता तौर पर सम्मेलन को संबोधित किया

हिमाचल डायरी
दलित उत्पीडऩ की एक और व्यथा
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लु में ग्राम पंचायत थाटीबीड़ में फागली उत्सव में अनुसूचित जाति के युवक की गोद में फूलों का गुच्छा गिरने के बाद उससे मारपीट की गई। सैंज घाटी में शलवाड के लाल चंद अनपे दोस्तों के साथ थाटीबीड़ में फागली मेला देखने गया था। शाम के समय होने वाले बीठ कार्यक्रम में जब बीठ (फूलों का गुच्छा) देवता के कारकूनों की ओर से फेंका गया तो यह अनुसूचित जाति के  युवक की गोद में आ गिरा। इसके बाद कारकूनों के इशारे पर भीड़ ने उसे व उसके दोस्तों को पीटना शुरू कर दिया। उन्हें डंडों से पीटकर लहूलूहान कर दिया गया। कारकूनों ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित भी किया। देवता के कारकूनों को रोकने की जगह देवता कमेटी के सदस्यों ने बीठ पकडऩे के लिए इन अनुसूचित जाति युवकों से जुर्माने के तौर पर उनसे 5100 रुपये वसूले।
इस घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर डाला गया तो अनुसूचित जाति कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष दिले राम ने मांग की कि इस मामले के आरोपियों को पुलिस दो दिन के अंदर गिरफ्तार करे। अगर पुलिस ने जल्द आरोपियों को नहीं पकड़ा तो अनुसूचित कल्याण संघ बंजार में धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएगा। पुलिस ने पीडि़त युवकों को न्याय देने की जगह टालमटोल वाला रूख अपनाया तथा आरोपियों का पता होने के बावजूद अज्ञात लोगों पर एफ.आई.आर. दर्ज की।

 

पंजाब डायरी
पंजाब भर में सफल रही दो दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल
देश की समस्त केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों तथा कर्मचारी फैडरेशनों की ओर से 8-19 जनवरी, 2019 को अखिल भारतीय स्तर पर आम हड़ताल का आह्वान किया गया था, इस आह्वान को लागू करने के लिए पंजाब में सैंटर आफ ट्रेड यूनियंस पंजाब (सी.टी.यू.पंजाब) की ओर से पूरी सरगरमी सहित अन्य संगठनों के साथ मिलकर भरपूर शमूलियत की।
केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान स्पष्ट रूप में देशी-विदेशी कारपोरेट कम्पनियों के लिए काम किया है। इसके फलस्वरूप आजकल देश की 73′ संपत्ति 1′ अमीरों के हाथों में इक्_ी हो गई है। 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक बैंकों की राशि वापिस न किये गये कर्ज के रूप में इजारेदार पूंजीपतियों के हाथों में है, जिसे सरकार की ओर से न वसूले जा सकने वाले कर्ज के रूप में ऐलान करके बट्टे-खाते में डाल दिया गया है। बैंकों को बीमार कर उन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने के षडयन्त्र रचाये जा रहे हैं। समूचे सार्वजनिक क्षेत्र को दीमक की तरह खाकर उसे कौडिय़ों के भाव निजी-क्षेत्र के हाथों मेें सौंपने की साजिशों निरन्तर जारी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का तेकाी से निजीकरण हो रहा है, जिस से मकादूर-वर्ग सहित जन-साधारण की किान्दगी और ज्यादा मुसीबतों में फंसती जा रही है। श्रम-कानूनों में मालिकों के पक्ष में होने वाले संशोधनों के द्वारा जहां एक ओर मालिकों को मकादूरों को नौकरी पर रखने तथा अपनी मर्काी से नौकरी से निकाल देने की खुली छूट दी जा रही है, वहीं ट्रेड-यूनियन गतिविधियों पर कई प्रकार की पाबंदियां लगाई जा रही हैं। पक्की नौकरी के स्थान पर ठेका-प्रणाली, आऊट-सोर्सिंग पर काम करवाने, कच्ची तथा दिहाड़ीदार मकादूरी के द्वारा मकादूरों की अमानवीय लूट-खसूट की जा रही है तथा समूचे श्रम-कानूनों को खत्म करके मालिकों के पक्ष में भुगतने वाले श्रम-कोड लागू करने की तैयारियां की जा चुकी हैं। अपने प्रतिरोध का प्रदर्शन करने के लिए दो दिनों की हुई विशाल हड़ताल की अलग-अलग स्थानों से प्राप्त रिर्पोटों को हम पाठकों से सांझा कर रहे हैं :
लुधियाना :- सार्वजनिक-क्षेत्र के संस्थानों में काम-काज पूरी तरह बंद रहा तथा कर्मचारियों ने प्रदर्शन, रैलियां तथा रोष-मार्च करके अपनी मांगों के हक में आवाज बुलंद की। मकादूरों तथा कर्मचारियों ने स्थानीय बस-अड्डे के बाहर रैली के उपरान्त डिप्टी-कमिशनर दफ्तर तक रोष-मार्च किया, जिस में इंटक, एटक, सीटू तथा सी टी यू से सम्बन्धित मकादूरों-कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर विचार व्यक्त करने वाले नेताओं ने मोदी सरकार द्वारा अपनाई गई मकादूर-विरोधी तथा कारपोरेट के पक्ष वाली आर्थिक नीतियों की निंदा करते हुए नारेबाकाी भी की। वक्ताओं ने मांग की कि न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये महीना किया जाये, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाये, ठेकेदारी प्रथा तथा आऊट सोर्सिंग पर रोक लगाई जाये, समान काम के बदले समान वेतन दिया जाये, सार्वजनिक-क्षेत्र के संस्थानों का निजीकरण बंद किया जाये।
हड़ताल के दूसरे दिन केन्द्रीय ट्रेड-यूनियनों के आह्वान पर 12 सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर बैंक-कर्मचारियों, टैलीकॉम मुलाकिामों बीमा-मुलाकिामों तथा अन्य संस्थाओं के कर्मचारियों ने दफ्तरों के बाहर भारी रैलियां करके सरकार की घातक-नीतियों की निंदा करते हुए मोदी सरकार को आगामी लोक-सभा के चुनावों में चलता करने का आह्वान किया। इसी दौरान इंटक, एटक, सीटू तथा सी टी यू की ओर से मोदी सरकार की मकादूर विरोधी तथा कारपोरेट के पक्ष वाली आर्थिक नीतियों के विरोध में हड़ताल करके बस अड्डे के बाहर एक विशाल रैली की गई। इस अवसर पर का. सुखविन्द्र सिंह सेखों, डी.पी.मौड, तरसेम जोधां, गुरदीप सिंह कलसी, सुखदेव सिंह रोपड़़, प्रो. जयपाल सिंह तथा बब्बन पासवान ने कहा कि सरकार की ओर से 92 साल पुराने कानून को तोड़ कर ट्रेड यूनियनों के स्वतंत्र रूप से काम करने के अधिकार छीन लिये गये हैं तथा इसे सरकारी कंट्रोल के अन्र्तगत लाया गया है।
मुक्तसर :- मुक्तसर के बस अड्डे पर पंजाब रोडवेज/पनबस कंट्रैक्ट वर्करस यूनियन की ओर से बसों को बंद रखकर नारेबाकाी की गई। इसी दौरान कमल कुमार, का. हरि राम, अमृतपाल कौर, हरविंद सिंह, तरसेम सिंह आदि नेताओं समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी खेत-मकादूर नेताओं ने सरकार से मांग की कि बढ़ रही महंगाई पर नकेल कसी जाये। सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाये, कच्चे पक्के किये जाये तथा खाली पोस्टें भरी जायें।
फाजिल्का:- देश-व्यापी हड़ताल के दौरान किाला फाजिल्का की अलग-अलग ट्रेड-यूनियन के बैनर तले शहीद ऊधम सिंह पार्क में रैली की गई। इसमें सैंकड़ों मकादूर, कर्मचारी, किसान, स्त्री कर्मचारी, विद्यार्थी शामिल हुए। रैली के दौरान सरकार की नीतियों के विरुद्ध तथा पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना की गई।
महल कलां:- ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल में स्थानीय बिजली कर्मचारी, मिड डे मील वर्कर, तथा औद्योगिक मकादूर शामिल हुए। सब-डिवीजन ग्रिड ठुल्लीवाल में बिजली कर्मचारियों की ओर से केन्द्र तथा राज्य सरकार की अलग-अलग संस्थाओं में काम कर करने वाले कर्मचारियों के हितों के लिए गेट रैली की गई।
मोगा :- सीटू, एटक, इंटक तथा सी टी यू द्वारा केन्द्रीय सरकार की मकादूर तथा राष्ट्र विरोधी नीतियों के विरुद्ध केन्द्रीय मकादूर संगठनों के आह्वान पर देश-व्यापी हड़ताल के दूसरे दिन सार्वजनिक संस्थानों, बैकिंग, बिजली, शिक्षा, परिवहन तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर भी व्यापक प्रभाव के कारण सेवाएं प्रभावित रहीं। पनबस तथा रोडवेज कर्मचारियों के अतिरिक्त बीमा बैंक मुलाकिामों, बिजली-कर्मचारियों ने रोष-प्रदर्शन किये।
बठिण्डा :- पंजाब, यू.टी. तथा पैनशर्नका संघर्ष कमेटी की ओर से देशव्यापी आह्वान पर समूह मुलाकिाम-संगठनों की ओर से दिये गये धरने के पश्चात अंबेडकर-पार्क से फायर-ब्रिगेड चौंक तक प्रदर्शन किया गया तथा डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर  समक्ष पंजाब सकार के विरुद्ध नारेबाकाी की। धरने को गुरदीप सिंह, पैंशनर्ज एसोसिएशन के नेता दर्शन सिंह मौड़, केवल सिंह, प्रकाश सिंह थर्मल-प्लांट यूनियन ने संबोधन किया इस अवसर पर यूनियन नेताओं के नेतृत्व में तहसीलदार बठिण्डा को मांग पत्र सौंपा गया।
बरनाला :- दो दिवसीय देश-व्यापी हड़ताल के दौरान तहसील स्तर पर दो घण्टे ट्रैफिक जाम करके रैलियां की गई। सीटू, एटक, सीटीयू, ई.एम.यू., ऐकटू, डी.टी.एफ.डी., एम.एम., प.स.स.स.फ, नरेगा मकादूर, भ_ा मकादूरों समेत आशा वर्कर तथा आंगनवाड़ी वर्करों की ओर से तर्कशील चौंक पर चौतरफा ट्रैफिक जाम किया तथा लगभग बाद दोपहर एक बजे से लेकर तीन बजे तक रैली की गई।
मानसा :- ट्रेड यूनियनों तथा कर्मचारी फैडरेशनों के आह्वान पर सैंकड़ों की संख्या में वर्करों तथा मुलकिामों ने हड़ताल करके शहर में रोष-मार्च करके घंटे के लगभग मानसा के बस स्टैंड का ट्रैफिक जाम कर दिया। आल इण्डिया पोस्टमैन एम.टी.एस. तथा ग्रामीण डाक सेवक यूनियनों की ओर से सब-पोस्ट आफिस मानसा के गेट के आगे हड़ताल में शमूलियत की गई।
फरीदकोट :- देश की 10 केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों तथा केन्द्रीय तथा राज्य-सरकारों के कर्मचारियों तथा मकादूर संगठनों के आह्वान पर डिप्टी कमिशनर के दफ्तर के सामने रैली की। इस हड़ताल में पंजाब एण्ड यू टी कर्मचारी तथा पेंशर्नज संघर्ष कमेटी की ओर से भी शमूलियत की गई। इस रैली में हड़ताली बिजली, बैंक, बीमा, ट्रांसपोर्ट, संचार-निगम के कर्मचारियों के इलावा पंजाब सरकार के मनिस्ट्रियल स्टाफ, दर्जा चार कर्मचारियों, नगर कौंसिल के कर्मचारियों, अध्यापकों, समूह विभागों के पैशर्नज, नरेगा मकादूरों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
अमृतसर :- मकादूर संगठनों के आह्वान पर मकादूर-संगठनों के कार्यकत्ताओं ने रोष-रैली की। जिस में केन्द्र तथा प्रांत की कर्मचारी विरोधी नीतियों की निंदा की गई। वक्ताओं ने दोष लगाया कि केन्द्र सरकार मकादूरों तथा कर्मचारियों के सेवा सुरक्षा कानून को खत्म कर रही है। भण्डारी पुल पर की गई रैली को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि प्रांत तथा केन्द्रीय सरकारों की ओर से ठेकेदारी प्रथा को उत्साहित किया जा रहा है तथा ठेके पर भर्ती की जा रही है।
जालंधर :-केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों, केन्द्रीय तथा पंजाब सरकार के कर्मचारियों की फैडरेशनों, बैंकों तथा बीमा कर्मचारियों तथा मेहनतकश मकादूर संगठनों ने देश-व्यापी दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर केन्द्र तथा राज्य सरकार के विरुद्ध रोष प्रदर्शन किया। केन्द्रीय ट्रेड-यूनियनों के आह्वान पर अन्य कर्मचारियों की ओर से देश भगत यादगार हाल में किये गये इक्_ के दौरान आंगनवाड़ी वर्करों ग्रामीण चौंकीदारों, आशा वर्करों तथा मिड डे मील वर्करों, मनरेगा निर्माण भ_ा तथा असंगठित क्षेत्र के मकादूरों ने केन्द्र सरकार के विरुद्ध नारेबाकाी की। देश भगत यादगार हाल में पंजाब सीटू के महासचिव रघुनाथ सिंह, पंजाब सर्विसिका सुर्बोडीनेट फैडरेशन के प्रांतीय महासचिव तीर्थ सिंह बासी, जिले के प्रधान पुष्पिन्द्र कुमार विरदी, शिव कुमार, केवल सिंह हजारा, कृष्णा देवी पुआदड़ा, अमरीक सिंह गिल तथा सोहन लाल ने सम्बोधन किया तथा बी.एम.सी. चौंक में जाकर चक्का जाम किया। इस अवसर पर आटो चालकों ने भी रोष प्रदर्शन किया। सी.ऐन.जी. आटो रिक्शा वालों ने इस हड़ताल को समर्थन देने का ऐलान किया हुआ था। इस अवसर पर बैंक तथा बीमा कर्मचारियों ने भी हड़ताल करके रोष-प्रदर्शन किया। कामरेड अमृत लाल तथा वेद कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार से मांग की जा रही है कि सार्वजनिक संस्थानो का निजीकरण बंद किया जाये। बैंकों का विलय (द्वद्गह्म्द्दद्गह्म्) रोका जाये, पुरानी पैंशन बहाल की जाये, नई पैंशन योजना बंद की जाये, श्रम-कानूनों में कारपोरेट घरानों के पक्ष में संशोधन करने बंद किये जाये। ठेका-प्रणाली बन्द की जाये तथा असंगठित क्षेत्र के मकादूरों को कम-से-कम मकादूरी 18,000/- प्रति महीना दी जाये, सभी नागरिकों के लिए न्यूनतम छ: हजार रुपये प्रति महीना पैंशन दी जाये। किसानों का कर्का माफ करके स्वामिनाथ कमिशन की सिफारिशें लागू की जायें।
जालंधर : जालंधर शहर के औद्योगिक श्रमिकों व घरेलू मजदूरों ने हड़ताल करने के बाद बेअंत सिंह पार्क में एक रैली की। जिसे सीटीयू के जिलाध्यक्ष कामरेड रामकिशन, जवाहर चौरासिया, घरेलू मजदूर नेताओं कंचन सिंह व मीरा ने संबोधिन किया। हड़ताल के दूसरे दिन भी रैली करने के उपरांत बेअंत सिंह पार्क से पठानकोट चौक तक रोष मार्च किया गया तथा वहां केंद्रीय व राज्य सरकार का पुतला फूंका गया।
गढ़शंकर:- केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों तथा पंजाब सुबार्डीनेट सर्विसिज फैडरेशन की ओर से सांझे तौर पर मोदी सरकार तथा राज्य की कैप्टन सरकार की नीतियों के विरोध में गांधी पार्क में रैली करके रोष-प्रदर्शन करने के बाद गढ़शंकर-होशियारपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया गया तथा सरकार के विरुद्ध नारेबाकाी की गई।
कपूरथला:- आर.सी.एफ. कर्मचारियों की ओर से देश की 10 केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से दो-दिवसीय देश-व्यापी हड़ताल के समर्थन में डा. अंबेडकर चौंक में प्रात: संयुक्त रूप में आर.सी.एफ.कर्मचारी यूनियन तथा आर.सी.एफ. मैन्का यूनियन के झण्डे तले रोष प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कर्मचारियों को सम्बोधन करते हुए दोनों यूनियनों के नेताओं ने सरकार की मकादूर-विरोधी, किसान-विरोधी तथा नौजवान विरोधी नीतियों को खूब कोसा।
तरनतारन :- केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर केन्द्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध की गई दो दिवसीय राष्ट्रीय-स्तर की हड़ताल के दौरान इलाके के जन-संगठनों की ओर से रोष-प्रदर्शन करके यहां केन्द्रीय सरकार का पुतला जलाया गया।
इस का नेतृत्व जमहूरी किसान सभा के नेता मुख्तार सिंह मल्ला, देहाती मकादूर सभा के नेता जसपाल सिंह झबाल, पंजाब निर्माण मकादूर यूनियन के नेता धर्म सिंह पट्टी, कर्मचारी नेता राजेन्द्र सिंह तथा सफाई सेवकों के नेता रमेश कुमार गिल ने की। पावरकौम के कर्मचारियों ने भी सर्कल दफ्तर के सामने रोष-प्रदर्शन किया। नगर-कौंसिल के कर्मचारियों ने शहर में सफाई का काम ठप्प करके रोष-प्रदर्शन किया। जिले में बस-सेवा भी बन्द रही। गांव शेख चक्क मनरेगा (सीटू) नेता दलविन्द्र सिंह पन्नू के नेतृत्व में प्रदर्शन भी किया गया।
पठानकोट :- देश-व्यापी हड़ताल के आह्वान पर अपने-अपने विभागों में हड़ताल करने के उपरान्त विनोद कुमार, अमरीक सिंह, मास्टर सुभाष शर्मा, दविन्द्र मल्हौत्रा तथा गोपाल कृष्ण की अध्यक्षता में रेलवे-स्टेशन के फव्वारा-चौंक में रैली की गई तथा पठानकोट शहर के मुख्य बाकाारों में केन्द्र तथा पंजाब सरकार की गरीब तथा कर्मचारी घातक नीतियों के विरुद्ध रोष-प्रदर्शन किया गया। इस एकत्रता को का. नत्था सिंह, हरिन्द्र रंधावा, हरबंस लाल, सुरिन्द्र गिल, रमेश कुमार, नरोत्तम सिंह, विजय कुमार, दविन्द्र मल्हौत्रा, केवल कालिया, अशोक कुमार बैंस, सुरेश कुमार, राजेश जसरोटिया, राजकुमार, शिव कुमार, प्रेम सागर, आशा रानी, निर्मला कुमार, रेखा रानी, सुरिन्द्र सहगल, सुरिन्द्र कलसी, जगदीश राज तथा तिलक राज ने संबोधन किया।
होशियारपुर:- प्रमुख ट्रेड-यूनियनों की ओर से केन्द्रीय तथा प्रांतीय सरकारों की ओर से तेकाी से लागू की जा रही कर्मचारी, मकादूर, किसान तथा मकादूर वर्ग विरोधी नीतियों को बदल देने तथा मोदी सरकार का चेहरा आम जनता में नंगा करने के लिए दिये गये देश-व्यापी हड़ताल के आह्वान के दौरान शहीद ऊधम सिंह पार्क में ट्रेड यूनियनों-सीटू, सी.टी.यू., इंटक तथा कर्मचारी फैडरेशनों की ओर से संयुक्त तौर पर जिला स्तरीय रैली की गई। आंगनबाड़ी, जल-स्त्रोत, पी.डब्लयू.डी, जंगलात विभाग आदि के कर्मचारी काफी बड़ी संख्या में कामकाज का बाईकाट करके रैली में शामिल हुए। रैली के पश्चात शहर में मार्च किया गया तथा प्रभात-चौंक पर जाम लगाया गया।
गुरदासपुर:- इलाके के मकादूर किसान तथा कर्मचारी संगठनों के कार्यकत्ताओं की ओर से संयुक्त रूप में, सूखा तालाब पर सुखदेव सिंह भागोकांवां, मक्खन कोहाड़, सुभाष कैरे, फतेह चन्द, राज कुमार पंडोरी के नेतृत्व में रैली करने के पश्चात केन्द्र सरकार की जन-विरोधी नीतियों के विरुद्ध शहर में रोष-प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने आलोचना की कि सरकारी विभागों का तेकाी से निजीकरण किया जा रहा है। इस अवसर पर अन्य के इलावा संतोख सिंह संघेड़ा, ठाकुर ध्यान सिंह, रघुवीर सिंह पकीवां, जसवंत सिंह बुटर, लाल चन्द कटारुचक्क, कुलदीप पुरेवाल आदि उपस्थित थे।
बटाला:- दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर इंटक, ऐटक,  सीटू, ऐक्टू तथा सीटीयू ने सुक्खा सिंह-महताब सिंह चौंक में रोष प्रदर्शन किया। रैली के पश्चात बटाला के गांधी चौंक मेें पहुंच कर केन्द्रीय तथा राज्य सरकार का पुतला फूंका।
चंडीगढ़ : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी फैडरेशनों के आह्वान पर चंडीगढ़ में बैंक,बीमा, बिजली विभाग तथा अन्य विभागों का काम काज बुरी तरह प्रभावित रहा। सैक्टर 17 में बैक एकवायर में हड़ताल करने के बाद मजदूर कर्मचारी एकत्र हुए। सीटीयू पंजाब तथा पी.सी.एस.आई.ई.सी. व पंजाब सरकार के कर्मचारी उद्योग भवन के समक्ष इक_ा हुये तथा वहां रोष मार्च करते मुख्य रैली में पहुंचे। वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता जगतार सिंह व एटक नेता देवीदयाल की अध्यक्षता में हुई जनसभा को अन्य नेताओं के अतिरिक्त सीटीयू पंजाब के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ग्रेवाल, पीडब्लयूडी नेता गुरविंदर सिंह तथा बैंक कर्मचारियों के नेता सज्जन सिंह ने भी संबोधन किया। हड़ताल के दूसरे दिन भी सफल हड़ताल करके विशाल रैली की गई।   
रिपोर्ट : सर्बजीत गिल

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