हरियाणा डायरी
पार्टी की हरियाणा राज्य इकाई द्वारा जनलामबंदी सप्ताह व सैमीनार
भारतीय क्रान्तिकारी माक्र्सवादी पार्टी (आर.एम.पी.आई.) की केन्द्रीय कमेटी के आह्वान पर राज्य कमेटी हरियाणा इकाई द्वारा 30 जनवरी से 6 फरवरी तथा जिला फतेहाबाद, हिसार, सिरसा में जनआंदोलन चलाया गया। जिसके तहत फतेहाबाद, भूना ब्लॉक, रतिया ब्लॉक में अभियान चलाकर 4 फरवरी को फतेहाबाद डी.सी. आफिस पर जनसमस्याओं को लेकर धरना दिया गया। हिसार में एक जनरल मीटिंग का आयोजन किया गया। केन्द्रीय कमेटी के फैसले के अनुसार ‘जनवाद व धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए’ 11 फरवरी को राज्य स्तरीय सैमीनार की तैयारी के लिए जनअभियान चलाया गया। जिसमें सिरसा में का. मंगतु राम सिरसा की अगवाई में ये अभियान चलाया गया। सिरसा जिला हरियाणा का क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा जिला है। पार्टी द्वारा यहां सभी ब्लॉकों पर अभियान चलाया गया। सैमीनार के लिए रतिया, भूना, फतेहाबाद, हिसार में व सिवानी से भी साथियों ने शिरकत की। सैमीनार की अध्यक्षता मंगतु राम सिरसा व शेर सिंह जांगड़ा व मनदीप सिंह नथवान ने की। पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव मंगत राम पासला व राज्य सचिव तजिन्द्र सिंह रतिया ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। मंच संचालन कामरेड तेजिन्द्र रतिया ने किया।
कामरेड मंगत राम पासला ने अपने संबोधन में कहा कि आर.एस.एस. व उसके घटक अंग्रेजों की नीतियों को अमल में ला रही है। अंग्रेजों ने भी देश को धर्म के नाम पर बांट कर 200 वर्ष राज किया। उसी तरह देश के प्रधानमंत्री मोदी हिन्दू राष्ट्र के नाम पर देश को तोडऩा चाहते हैं। आजादी के आंदोलन में बी.जे.पी. का कोई व्यक्ति भी शामिल नहीं था। आर.एस.एस. ने आकाादी की लड़ाई को कमकाोर किया और आज खुद को देशभक्त पार्टी का नाम देती है। हमारा संविधान कहता है कि देश के लोग किसी भी धर्म को अपना सकते हैं इसलिए धर्म को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। देश की सरकार सब के लिए बराबर शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार का प्रबन्ध करे। धर्म को छोडक़र राजनीति हो तभी जनवाद व धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र को बचाया जा सकता है। देश की मोदी सरकार धर्म के नाम पर चुनाव जीतकर लोकतांत्रिक सरकार बनाने की बात कर रही है जो कि सरासर गलत है। बी.जे.पी., आर.एस.एस. देश को धर्म व जाति के नाम पर तोडऩा चाहती है। आज हमें हमारी बात रखने का भी अधिकार नहीं है। महिलाओं के मंदिरों में प्रवेश पर पाबन्दी है। देश व प्रदेश की सरकार पूंजीपतियों अमीर घरानों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। निजिकरण के नाम पर सरकारी संस्थानों को बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के हाथ में बेचा जा रहा है।
राज्य महासचिव तेजिन्द्र रतिया ने कहा कि मनरेगा कानून को सख्ती से लागू करके 365 दिन मजदूरों को काम दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों अनुसार न्यूनतम वेतन 600 रुपये दिहाड़ी दी जाए। आर.एस.एस. की फासीवादी भाजपा सरकार 150 दिन काम देने के नाम पर मजदूरों व जनता को भ्रमित कर रही है। लगभग 2900 करोड़ रुपये बजट से कम कर दिए हैं। आनलाईन के नाम पर मजदूरों को परेशान किया जा रहा है। न ही श्रम बोर्ड को पंजीकृत किया जा रहा है। 90 दिन हाजरी की शर्त हटाई जाए। सभी भूमिहीन मजदूरों व जरुरतमंदों को 10-10 मरले प्लाट व 2.50 लाख की ग्रांट दी जाए।
राजेश चौबारा ने सम्बोधन में कहा जब से केन्द्र व राज्य में आर.एस.एस. की घटक भाजपा सरकार निर्माण कामगारों के हकों पर आनलाईन के नाम पर डाका डाल रही है। 27 दिसम्बर 2018 से आनलाईन के नाम पर हजारों कामगारों को छात्रवृति लाभ से वंचित कर दिया है। बी.जे.पी. की युनियनें लोगों को लूट रही हैं। यदि सरकार ने आफलाईन प्रक्रिया चालू न की तो भारतीय क्रान्तिकारी माक्र्सवादी पार्टी पंजीकृत यूनियनों को इक्_ा करके जनआंदोलन चलाएगी। सैमीनार को पार्टी के युवा नेता कामरेड मनदीप नथवान, का. सुखचैन रजाखेड़ा, परमजीत लाली, सुरजीत रतिया ने भी सम्बोधित किया। अंत में कामरेड मंगत राम सिरसा ने सभी पार्टी वर्करों का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर श्रमबोर्ड व मनरेगा में आफ-लाईन प्रक्रिया शुरु नहीं की तो 10 दिन बाद आंदोलन तेज किया जाएगा।
-रिपोर्ट तेजिन्द्र रतिया
पंजाब डायरी
केंद्रीय समिति के आह्वान पर जन लामबंदी सप्ताह राज्य भर में जिला केंद्रों पर प्रदर्शन
भारतीय क्रांतिकारी माक्र्सवादी पार्टी की 8 से 10 दिसम्बर तक जालंधर में हुई केंद्रीय समिति बैठक द्वारा 30 जनवरी से 6 फरवरी तक के सप्ताह को जन-लामबंदी सप्ताह के रूप में मनाने का आह्वान किया गया था। उस अनुसार सप्ताह भर पंजाब में जि़ला केन्द्रों पर लोगों की ज्वलंत माँगों के लिए प्रदर्शन किये गए तथा जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के द्वारा प्रांत के मुख्यमंत्री व केंद्र सरकार को माँग पत्र भेजे गए।
जालंधर, पठानकोट, होशियारपुर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, फरीदकोट, मुक्तसर, गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन, लुधियाना, पटियाला, रोपड़, संगरूर, कपूरथला के जिलों तथा सुलतानपुर लोधी में प्रदर्शन किये गये। इस अवसर पर हुई रैलियों को राष्ट्रीय महासचिव मंगत राम पासला, राज्य सचिव हरकंवल सिंह, केंद्रीय कमेटी सदस्य कुलवंत सिंह संधू, संतोख सिंह बिलगा, राम किशन, लाल चंद कटारूचक्क, नत्था सिंह, हरिंदर रंधावा, शिव कुमार, प्रिसीपल प्यारा सिंह, गंगा प्रसाद, शिव कुमार तलवाड़ा, जोध सिंह, छज्जू राम रिशी, प्रकाश सिंह, मलकीत सिंह वजीदके, अमरजीत कुक्कू, यशपाल, लाल चंद सरदूलगढ़, प्रोफैसर जयपाल, जगजीत जस्सेयाना, गुरतेज सिंह, हरजीत सिंह मदरस्सा, रघुवीर सिंह पकावां, गुरदयाल घुमाण, मक्खन कोहाड़, नीलम घुमाण, गुरनाम सिंह दाऊद, रतन सिंह रंधावा, डाक्टर सतनाम सिंह अजनाला, प्रगट सिंह जामाराये, दलजीत सिंह, चमन लाल दराजके, जगतार सिंह चकोही, पूर्ण चंद, मोहन सिंह धमाणा, वेद प्रकाश, भीम सिंह आलमपुर आदि नेताओं ने संबोधन किया।