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जन आंदोलन (संग्रामी लहर-नवंबर 2018)

जन आंदोलन (संग्रामी लहर-नवंबर 2018)

पराली की समस्या का स्थाई समाधान करे सरकार
9 अक्तूबर को हजारों की संख्या में किसान फतेहाबाद सब्जी मंडी में इक_े होकर डीसी दफ्तर तक मार्च करते हुए गए। किसान संघर्ष  समिति  द्वारा सब्जी मंडी में जनसभा की गई ! जिसकी अध्यक्षता प्रधान गुरबचन सिंह रतिया, सुखदेव हसंगा, रामस्वरूप ढाणी डाका, दिलबाग सिंह, करनैल सिंह कूलां ने की। मंच संचालन मनफूल डाका, सुखचैन रत्ताखेड़ा ने किया।
वक्ता चांदीराम अभिमन्यु ढाणी इस्सर, मनदीप नथवान, अजय जाजड़ा, कृष्ण स्वरूप,  मक्खन हिजरावा खुर्द, रमेश कम्बोज, सभा जिला सचिव राजेश चौबारा भवन निर्माण यूनियन, तेजेंद्र सिंह रतिया देहाती मजदूर सभा, धर्मपाल जाखड़ एडवोकेट, दिलबाग सिंह रिटायर्ड एसडीओ, उमेद सिंह लोहान जन चेतना मंच, बृजपाल जाखल आदि वक्ताओं ने कहा कि यह धान की पराली की समस्या पिछले 3 वर्ष से गंभीर बनी हुई है इस बारे में किसान हर वर्ष धरना प्रदर्शन करके स्थाई समाधान की मांग करते आ रहे हैं। पिछले वर्ष, सरकार ने आश्वासन दिया था कि किसानों से सरकार धान की पराली खरीदेगी और सरकार धान की बेल्ट में पराली आधारित उद्योग लगाएगी, उस पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया, ना ही कोई कारखाना तथा ना ही सरकार पराली  खरीदने की बात कर रही है। इस समस्या के चलते किसान धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं क्योंकि पराली उठाने का जो खर्च आता है वह किसान सहन नहीं कर सकता। किसान पहले ही कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है किसान संघर्ष समिति की अन्य मांगें बारिश से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिया जाए, गेहूं बीज पर 50प्रतिशत सब्सिडी दी जाए, बढ़ाए गए खाद के रेट वापस लिए जाएं, फसल बीमा योजना में निजी कंपनियों की लूट बंद की जाए, किसानों का सभी प्रकार का कर्जा माफ किया जाए, आवारा पशुओं पर रोक लगाई जाए, भुना शुगर मिल को चालू करवाया जाए, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए, कंबाइन मशीन के पीछे लगाऐ  गए एसएमएस हटाया जाए। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस समस्या का समाधान सरकार प्राथमिकता के आधार पर करे। जब तक स्थाई समाधान नहीं होता तब तक पराली उठाने का कम से कम 10,000 प्रति एकड़ किसानों को सहायता राशि दी जाए। सरकार किसानों के प्रति तानाशाही नीति ना अपनाए। किसान संघर्ष समिति चार दिन डीसी दफ्तर के गेट के आगे धरना देगी, चौथे दिन आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, अगर सरकार ने हमारी मांगें ना मानी तो इस आंदोलन को और तीखा किया जाएगा।

फतेहाबाद में किसान पंचायत
किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर फतेहाबाद जिले के किसानों की पंचायत 28 सितंबर को फतेहाबाद शहर में हुई शहीद भगत सिंह नौजवान सभा के राज्य प्रधान  मनदीप नथवान ने  पंचायत को संबोधित किया  और पंचायत में अहम मुद्दों पर विचार चर्चा हुई जैसे की बारिश से धान व नरमे कपास की फसल का बहुत नुकसान हुआ है। पहले से ही आर्थिक तंगी से गुजर रही किसानी पर कुदरत का एक और कहर बरपा है। बारिश से खराब हुई फसल व पराली की समस्या का जल्द से जल्द हल करवाया जाए, रवि के फसल बीजों पर 50 परसेंट सब्सिडी दिलवाई जाए, किसानों के खातों  से बीमा कंपनियां मनमर्जी से पैसे काट रही हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ और बढ़ रहा है इन मसलों पर गंभीरता से विचार चर्चा हुई तथा समस्याओं का हल करवाने के लिए किसानों को संगठित करने का प्रोग्राम बनाया गया। फतेहाबाद जिले के हर गांव में किसान यूनियन बनाई जाएगी। पंचायत में किसान प्रधान गुरबचन सिंह रतिया, दर्शन सिंह हज, रामा कला, मनफूल ढाका, मलकीत सिंह, बृजलाल, दिलबाग सिंह, अमित पाल, सुरजीत सिंह, अजमेर सिंह, गुरविंदर सिंह, हरबंस सिंह, कृष्ण कुमार, दर्शन सिंह, प्रीतम सिंह, लक्ष्मण दास, जगीर चंद आदि हाजिर रहे।

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