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ऑक्सफाम रिपोर्ट देश में अमीरों तथा गरीबों के बीच लगातार बढ़ रही असमानता

ऑक्सफाम रिपोर्ट देश में अमीरों तथा गरीबों के बीच लगातार बढ़ रही असमानता

स्विट•ारलैंड के शहर दावोस में चल रहे ”विश्व आर्थिक फोरमÓÓ में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘ऑक्सफामÓ ने  ‘विश्व असमानता रिपोर्टÓ पेश की है जो विश्वभर में बढ़ रही आर्थिक-असमानता के सम्बन्ध में रौंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य पेश करती है।
‘ऑक्सफामÓ-‘ऑक्सफोर्ड कमेटी आन फेमिन रिलीफÓ के नाम वाली इस संस्था का गठन 1942 ई. में ब्रिटेन मे सामाजिक-कार्यकत्र्ताओं तथा अकादमिक बुद्धिजीवियों पर आधारित मित्र-मण्डली ने किया था तथा यह उस समय द्वितीय विश्व युद्ध के कारण यूनान में पड़े अकाल में मदद करने के लिए बनाई गई थी। इस समय ‘ऑक्सफामÓ 20 चैरीटेबल संस्थाओं पर आधारित विश्व के सभी महाद्वीपों के 90 देशों में कार्यरत है। यह प्रत्येक वर्ष ‘विश्व आर्थिक फोरमÓ, जहां विश्व के लगभग सभी बड़े-बड़े इजारेदार, पूंजीपति, नौकरशाह तथा राजनेता एकत्रित होकर विचार-विमर्श करते हैं, ‘ऑक्सफामÓ उन के सामने विश्व की आर्थिक असमानता के सम्बन्ध में तथ्यपूर्ण रिपोर्ट पेश करती है :
भारत का आर्थिक चित्र, ऑक्सफाम की दृष्टि में :
ग  वर्ष 2018 में भारत के 1′ (एक प्रतिशत) अमीरों की दौलत में 39′ की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि निचली 50′ गरीब जनसंख्या की दौलत में मात्र 3′ की बढ़ौत्तरी हुई।
ग  देश के नौ अमीरों के पास देश की 50′ आबादी के बराबर दौलत है।
ग  देश में, वर्ष 2018 में, 119 अरबपति (7000 करोड़ डालर से भी ज्यादा धन वाले) है तथा उनकी दौलत में प्रतिदिन 2200 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में अरबपतियों की संख्या 101 थी, इसी तरह एक वर्ष में ही 18 नये अरबपति और बन गये हैं। वर्ष 2017 में अरबपतियों की कुल दौलत 325.5 अरब डालर थी जबकि 2018 में 400 अरब डालर की सीमा-रेखा को पार करती हुई 440.1 अरब डालर तक पहुंच गई है। अंदाजा है कि यदि यही प्रक्रिया जारी रही तो 2018 से 2022 तक भारत में 70 अन्य नये अरबपति बन जायेंगे। अर्थात दौलत का कुछेक हाथों में केन्द्रीकरण और भी ते•ा हो जायेगा।
ग  जहां अरबपतियों की दौलत 2200 करोड़ रु. प्रतिदिन की रफ्तार से बढ़ी है, वहीं देश के सब से गरीब 10′ लोग, अर्थात, 13 करोड़ 60 लाख लोग वर्ष 2004 से ही कर्•ा के विकट जाल में बुरी तरह फंसे हुए हैं।
ग  देश के शीर्षस्थ 10′ अमीरों के पास कुल दौलत का 77.4′ भाग है, इस में से भी शीर्षस्थ 1′ के पास 51.53′, अर्थात 1′ से निचले 9′ धनी लोगों के पास 25.87′ तथा सबसे निचली अर्थात अत्यन्त गरीब 60′ आबादी के पास देश की मात्र 4.8′ दौलत है।
‘ऑक्सफामÓ की न•ारों में भारत की
स्त्रियों की असमानता :
‘ऑक्सफामÓ की ओर से प्रस्तुत की गई ‘असमानता रिपोर्टÓ के अनुसार विश्व तथा हमारे देश की औरतें और भी ज्यादा असमानता का शिकार हैं:-
ग  देश के 119 अरबपतियों में से सिर्फ 9 ही स्त्रियां हैं।
ग  भारत में औरतों का वेतन आदमियों के वेतन से औसतन 34′ कम है।
ग  भारत में स्त्रियां घर तथा बच्चों की देखभाल या पालन-पोषण का काम करती हैं, उनका कुल मेहनताना देश के कुल घरेलू उत्पाद का 3.1′ बनता है, जिस का भुगतान उनको नहीं किया जाता। शहरों में एक औरत औसतन 312 मिनट प्रतिदिन तथा गांवों में 291 मिनट प्रतिदिन यह काम करती है। जबकि आदमी शहरों में सिर्फ 29 मिनट प्रतिदिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 22 मिनट औसतन ऐसा काम करते हैं।
ग  ग्लोबल जैंडर इंडैक्स-2018 (विश्व लैंगिक सूचक अंक) में भारत का स्थान 108 है, जबकि चीन तथा बंगला देश जैसे हमारे पड़ोसी देश हम से आगे हैं। वर्ष 2006 के 2018 तक हम सिर्फ 10 स्थान ही ऊपर जा सके हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार : विश्व
ग  विश्व के शीर्षस्थ 26 अमीरों के पास 98 लाख करोड़ की दौलत है जो कि दुनियां की निचली 50′ जनसंख्या के बराबर है। 2017 में इतनी दौलत 43 अमीरों के पास थी, अर्थात् 2018 में दौलत का केन्द्रीकरण और भी ज्यादा ते•ाी से हुआ।
ग  विश्वभर के अरबपतियों की दौलत में 12′ प्रतिदिन अर्थात् 2.5 अरब डालर की बढ़ौत्तरी हुई है, जबकि विश्वभर के निचले 50′ लोगों, अर्थात् गरीबों की दौलत 11′ कम
हुई है।
ग  दुनियां के सबसे अमीर अमा•ाोन के संस्थापक जैफ बेजोस की दौलत बढ़कर 112 अरब डालर हो गई है। उसकी दौलत का सिर्फ 1′ भाग, 11 करोड़, 50 लाख की जनसंख्या वाले अफ्रीकी देश-इथयोपिया के स्वास्थ्य सेवा बजट के बराबर है।
ग  इस रिपोर्ट के अनुसार 2018 में, विश्व भर के 1′ अमीरों की दौलत में 185′ की वृद्धि हुई है, जबकि भारत के 1′ अमीरों की दौलत में 857′ की बढ़ौतरी हुई है।
ग  विश्वभर के धनी लोगों पर यदि मात्र 1′ टैक्स बढ़ा दिया जाये, तो संसार भर में प्रतिदिन बिना इलाज के मर रहे 10 ह•ाार लोगों की जान बचायी जा सकती है तथा 26 करोड़ और अधिक बच्चों को स्कूलों में पढऩे भेजा जा सकता है।
हिन्दी रुपांतरण (म.स.राही) 

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