भारतीय क्रांतिकारी माक्र्सवादी पार्टी (आर.एम.पी.आई.) व माक्र्सिस्ट क्म्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (युनाईटिड) (एम.सी. पी. आई. (यू)) के नेताओं की संयुक्त बैठक 11 दिसंबर को जालंधर स्थित शहीद सरवण सिंह चीमा मैमोरियल भवन में हुई। बैठक में देश की वर्तमान अवस्था में वामपंथी पार्टियों की भूमिका व वामपंथ की एकजुटता के बारे विचार-विमर्श किया गया। लंबी व गहरी सोच-विचार के बाद दोनों पार्टियों की एकता की ओर बढऩे के लिए आर.एम.पी.आई. की स्टैंडिंग कमेटी व एमसीपीआई(यू) की पोलिट ब्यूरो पर आधारित एक ‘एकजुटता समिति’ का गठन किया गया। यह समिति दोनों पार्टियों को एकजुट करने तथा मेहनतकश लोगों की समस्याओं के निपटारे के लिए देशव्यापी संघर्ष लामबंद करने की दिशा में कार्य करेगी।
इस बैठक में एम.सी.पी.आई.(यू) की ओर से साथी मोहम्मद गौंस, किरनजीत सिंह सेखों व अनुभव दास शास्त्री व आर.एम.पी.आई. की ओर से साथी मंगत राम पासला, राजेंद्र परांजये, के. एस. हरिहरन, हरकंवल सिंह, टी.एल. संतोष व पी. कुमारनकुट्टी ने भाग लिया।
पार्टी केंद्रीय समिति बैठक के निर्णय
भारतीय क्रांतिकारी माक्र्सवादी पार्टी (आर.एम.पी.आई.) की केंद्रीय समिति की बैठक 8 से 10 दिसंबर तक पार्टी के केंद्रीय कार्यालय जालंधर में संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता साथी के. गंगाधरन ने की तथा इसमें पार्टी के महासचिव साथी मंगत राम पासला के अतिरिक्त सदस्यों-राजेंद्र परांजपे, के. एस. हरिहरन, हरकंवल सिंह, सी. चेलासामी, ए. अमावसाई, एम. राजगोपाल, बी. कृष्णन, टी. एल. संतोष, पी. कुमारनकुट्टी, गुरनाम सिंह दाऊद, रघवीर सिंह, कुलवंत सिंह संधू, इंद्रजीत सिंह ग्रेवाल, तजिंदर सिंह थिंद, मनदीप रतिया, संजय राऊत, बली राम चौधरी, रमेश ठाकुर व सज्जन सिंह ने भाग लिया।
बैठक में विचार विमर्श के बाद वर्तमान राजनीतिक व सांगठनिक स्थिति के बारे में रिपोर्ट पारित की गई।
तामिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, हरियाणा, चंडीगढ़ व पंजाब राज्यों की वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक स्थिति के बारे में विचार विमर्श के बाद इन राज्यों के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में हस्तक्षेप करने हेतु दिशा-निर्देश भी तय किए गए। एम.सी.पी.आई (यू) से चल रही एकता वार्ता के बारे में भी विस्तारित विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में निकट भविष्य में जन लामबंदी करने के मद्देनजर निम्नानुसार ‘एक्शन कार्यक्रम’ दिया गया :
-मेहनतकश लोगों के भिन्न-भिन्न वर्गों की ज्वलंत मांगों की प्राप्ति के लिए 30 जनवरी से 6 फरवरी से 2019 तक जन-लामबंदी सप्ताह मनाया जायेगा तथा इस दौरान जिला स्तर पर धरने व प्रदर्शन किए जायेंगे।
-इस समय के दौरान ही राज्य स्तर पर ‘जनवाद व धर्म निरपेक्षता की रक्षा’ विषय पर सैमीनार आयोजित किये जायेंगे
-मार्च 2019 के प्रथम पक्ष में दिल्ली में ‘दलितों पर बढ़ रहे अत्याचार’ विषय पर राष्ट्रीय स्तर का सैमीनार/सम्मेलन आयोजित किया जायेगा।