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जन संघर्ष (संग्रामी लहर-अप्रैल २०१९)

जन संघर्ष (संग्रामी लहर-अप्रैल २०१९)

पंजाब डायरी

पार्टी द्वारा युद्धोन्मादी वातावरण के विरोध में अमृतसर में शांति मार्च

भारतीय क्रांन्तिकारी माक्र्सवादी पार्टी (आर.एम.पी.आई.) द्वारा विगत 3 मार्च को अमृतसर में एक अति प्रभावशाली ‘‘शांति मार्च’’ आयोजित किया गया। परमाणु शक्ति संपन्न दो पड़ौसी देशों भारत एवं पाकिस्तान के प्रतिक्रियावादी तत्वों द्वारा पुलवामा आतंकी कुकृत्य की पृष्ठभूमि में फैलाए जा रहे युद्धोन्माद के विरुद्ध किये गये इस मार्च में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव साथी मंगत राम पासला भी विशेषत: सम्मिलित हुए। युद्ध की अफवाहों से भयभीत सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने पार्टी के इस साहसिक एवं सामयिक प्रयास की भूरी भूरी प्रशंसा की। इस लामिसाल मार्च से पहले स्थानीय सिंचाई विभाग के मैदान में पार्टी की पंजाब राज्य समिति के अध्यक्ष साथी रतन सिंह रंधावा की अध्यक्षता में विशाल जन सभा की गई। जनसभा को साथी पासला के अतिरिक्त राज्य समिति के सचिव साथी हरकंवल सिंह तथा लाल चंद कटारूचक्क कोषाध्यक्ष ने भी संबोधित किया। अन्य वक्ताओं में साथी रघुबीर सिंह, गुरनाम सिंह दाऊद, सतनाम सिंह अजनाला भी शामिल रहे। मंच संचालन साथी परगट सिंह जामाराय द्वारा किया गया। वक्ताओं ने धरती से मानवता एवं जीवन का अंत करने वाले संभावित युद्ध के खिलाफ हर स्तर पर संघर्षों का निर्माण करने का आह्वान किया। उन्होंने चेताया कि यह युद्ध केवल शस्त्र उत्पादकों की तिजोरियां भरने के काम आयेगा। वक्ताओं ने आग्रह किया कि युद्ध एवं युद्ध का वातावरण लोगों की रोजी रोटी एवं अन्य बुनियादी जरूरतों की पूर्ति के संग्रामों पर कुठाराघात करते हैं एवं शोषकों के हित साधते हैं। उन्होंने दोनों देशों के अमनपसंद लोगों को युद्ध रोकने की दिशा में किये गये साकारात्मक प्रयासों की जमकर सराहना की। जनसभा एवं शांति जुलूस में शामिल लोगों ने अपने हाथों में युद्धोन्मादियों के प्रयासों को विफल करने का संदेश देती तख्तियां एवं बैनर उठाये हुए थे। कार्यक्रम में एम.सी.पी.आई.(यू) के पोलित ब्यूरो के सदस्य साथी किरणजीत सिंह भी उपस्थित हुए।

 

 

 

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस ‘महिला आत्मसम्मान दिवस’ के रूप में मनाया

जनवादी स्त्री सभा पंजाब ने देश भगत यादगार हाल में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस औरतों के आत्म सम्मान दिवस के प्रतीक के रूप में मनाया। ज्वाला सिंह ठठीआं यादगार हाल में सभा द्वारा किए गए इस कनवैन्शन में पंजाब के कोने-कोने से सभा की बहनों ने भाग लिया। ‘जनवादी स्त्री सभा पंजाब-जिंदाबाद-जिंदाबाद’, ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस जिंदाबाद’ तथा वर्तमान पूंजीवादी ढांचे में औरतों के साथ हो रहा आर्थिक तथा जातीय भेदभाव के खिलाफ नारे लगाते हुये औरतों के समूह, जब हाल में पहुँच रहे थे तो उस समय इन नारों से समूचा हाल गूँज उठा था। अपनी आजादी तथा अपने साथ हो रहे हर तरह के भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद करती सभा की बहनें बहुत ही जोश में थी। इस कनवैन्शन की अध्यक्षता सभा की उपाध्यक्षा डा. रघवीर कौर, जसबीर कौर तरनतारन, कंचन सिंह व स्त्री मुलाजम तालमेल कमेटी की महासचिव बहन रजिन्दर कौर काकड़ा पर आधारित अध्यक्ष मंडल ने की। साथ ही स्टेज पर केरल से विशेष रूप से इस कनवैन्शन की संबोधित करने के लिए आईं स्ह्रस् (स्ड्ड1द्ग शह्वह्म् स्द्बह्यह्लद्गह्म्ज्ह्य) कौंसिल सदस्य प्रो. कुसमम जोसफ, सहकनवीनर (स्ह्रस्), एडवोकेट अनीला जार्ज और कामरेड लैला विराजमान थी। इनके अलावा केरल से विशेष रूप से आए क्ररूक्कढ्ढ के स्ह्लड्डठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ष्टशद्वद्वद्बह्लह्लद्गद्ग सदस्य कामरेड हरीहरन तथा स्टेज तथा विशेष रूप से क्ररूक्कढ्ढ के महासचिव कामरेड मंगत राम पासला तथा क्ररूक्कढ्ढ के पंजाब राज्य के महासचिव कामरेड हरकंवल सिंह जी विराजमान थे। कनवैन्शन की शुरूआत सभा की महासचिव कामरेड नीलम घुमान ने अपने भाषण में 8 मार्च के महत्व, उसके इतिहास के बारे में आई बहनों को अवगत कराया। इसके बाद केरल से आई स्ह्रस् की मैंबरों द्वारा क्रमश; अपने ष्टशह्वठ्ठष्द्बद्य द्वारा बलात्कारी बिशप फ्रेंकों मुलकल के नन रेप केस में लिप्त होने तथा उसके द्वारा राजनीतिक प्रभाव द्वारा उन नन्स के ऊपर धक्केशाही तथा उन नन्स की सुरक्षा तथा बलात्कारी फ्रेंकों की गिरफ्तारी तक इस संस्था ने जो कार्य किए उसकी विस्तार रूप से जानकारी दी गई। संस्था द्वारा लिखित रूप में अपनी प्राप्ति तथा उस बलात्कारी को सजा दिलाने तक का लेखा-जोखा पढक़र कनवैंशन में सुनाया गया। वर्णनीय है कि पिछले साल पंजाब में भी जनवादी स्त्री सभा की तरफ से इस बलात्कारी बिशप फ्रैंकों मुलकल को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जालंधर में रोष प्रदर्शन किया गया था। जिस के प्रभाव में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। सभा के तरफ से इस कनवैंशन में बिशप फ्रैंकों मुलकल के बारे में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें उसके खिलाफ गवाही देने वाली नन्स को डराने धमकाने, उनकी बदलियां रद्द कराने तथा फ्रैंकों की जमानत रद्द करके भारतीय कानून के अधीन उसे सजा देने की मांग की गई। जिसे इस कनवैंशन को सर्वसम्मति से पास दिया गया। इन कनवैंशन को विशेष रूप में आर.एम.पी.आई. के महासचिव कामरेड मंगत राम पासला ने संबोधित किया उन्होंने जहां मौजूदा अवस्था में औरतों की क्या दशा है के बारे में बताया, वहीं इस भेदभाव को दूर करने के लिए, औरतों की सहभागिता कितनी जरूरी है के बारे में भी बात की। आर.एस.पी.आई. के पंजाब के सचिव कामरेड हरकंवल सिंह ने कहा कि सामाजिक विकास में औरतों का योगदान तब प्रभावशाली रूप ग्रहण करेगा जब वह आधी आबादी घरों से बाहर आए, गांव-गांव, मुहल्ले-मुहल्ले में स्त्री सभा बने, औरतों को जागरूक करके उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सुचेत करे। सभा की उपाध्यक्षा डा. रघवीर कौर ने इस कनवैंशन में पहुंचे मेहमानों का तथा पंजाब के कोने-कोने से आई बहनों का धन्यवाद करते हुए उन्हें अपने आत्म सम्मान की रक्षा करने का आह्वान किया तथा सभा की तरफ से फ्रैंकों मुलकल को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का प्रण लिया गया तथा औरतों की समानता की लड़ाई को समाजवाद तक ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक इस पूंजीवादी व्यवस्था में मूलभूत तबदीली नहीं आएगी तब तक हमें संघर्ष करना पड़ेगा। इस कनवैन्शन में मंच पर विमला देवी राज्य खजान्ची, प्रो. सुरिन्दर जैपाल, कुलदीप कौर फरीदकोट, जसविन्दर कौर टाहली, अवतार कौर बासी, कमलजीत कौर, लखविंदर कौर झबाल, आशा रानी, बिमला देवी, राजवंत कौर बटाला भी सुशोभित थीं। कनवैंशन के बाद सभा की सैंकड़ों कार्यकत्ताओं के तरफ से एक रोष मार्च भी निकाला गया। हाथों में तख्तीयां लेकर नारे लगाती बहनों का काफिला देशभगत यादगार हाल से शहीद भगत सिंह के साथी व प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता पं. किशोरी लाल जी की प्रतिमा तक गया।

-नीलम घुमान

 

 

 

युवाओं द्वारा 11 मार्च से 23 मार्च तक पंजाब व हरियाणा में किया गया जत्था मार्च

शहीद भगत सिंह नौजवान सभा पंजाब-हरियाणा तथा पंजाब स्टूडैंटस फैडरेशन द्वारा विगत 11 मार्च को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरू एवं सुखदेव के शहीद स्मारक हुसैनीवाला से ‘शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार अधिकार मार्च’ एक जत्था मार्च के रूप में प्रारंभ किया गया जो दोनों राज्यों के अधिकतम जिलों में 50 से अधिक जन सभाओं को संबोधित करता हुआ 23 मार्च को शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां पहुंच कर संपन्न हुआ। जलियांवाला बाग हत्याकांड की शतवार्षिकी (13 अप्रैल 1919-13 अप्रैल 2019) को समर्पित इस ‘शिक्षा स्वास्थ्य एवं रोजगार अधिकार मार्च’ की अगुवाई नौजवान सभा के अध्यक्ष मनदीप रतिया तथा मक्खन संग्रामी, परमजीत लाली, निर्भय सिंह, रवि राजपुरोहित, मनजीत अलीका आदि वरिष्ठ नेताओं ने की। इस मार्च द्वारा हुसैनीवाला तथा खटकड़ कलां की यात्रा के बीच शहीद करतार सिंह सराभा तथा आजादी संग्राम के अन्य शहीदों विशेषकर गदरी शूरवीरों के गांव/कस्बों तथा शहीद स्मारकों पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये। जत्था मार्च के नेताओं द्वारा लोगों विशेषकर युवाओं को 13 अप्रैल 2019 को जलियांवाला बाग अमृतसर में की जा रही विशाल रैली एवं मार्च में भारी संख्या में बढ़-चढ़ कर शामिल होने का आह्वान किया। वर्णन योग्य है कि यह रैली साम्राज्यवादी लुटेरों तथा उनके सहयोगी कार्पोरेट घरानों की लूट के खात्मेें के संग्रामों को तेज करने का आह्वान करने हेतु की जा रही है। ‘‘अधिकार मार्च’’ द्वारा युवाओं ने आह्वान किया गया कि ‘‘बराबर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार सब को मिले यह अधिकार’’ की मांग पूर्णतय: लागू करवाने के लिए संघर्षों का निर्माण करें। समूचे कार्यक्रम के दौरान हुई जनसभाओं को साथी शमशेर सिंह बटाला, अजय फिल्लौर, मनजिंद्र ढेसी, जतिंद्र फरीदकोट, रवि कटारूचक्क, सुलखन सिंह तुड़, सुरेश कुमार समेत दर्जनों नौजवान कार्यकत्ताओं ने भी संबोधित किया। इस के अतिरिक्त खालिस्तानी पृथकतावादियों के विरूद्ध संघर्ष में प्राण न्यौछावर करने वाले साथी सोहन सिंह ढेसी तथा इस संघर्ष के अन्य शहीदों के गावों में भी सभाएं की गई तथा उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किये गये। रिपोर्ट : शमशेर सिंह

 

 

 

महाराष्ट्र डायरी

महाराष्ट्र के पालघर जिला केंद्र में प्रदर्शन

महाराष्ट्र के जिला पालघर के डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय के समक्ष 12 मार्च को प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन की मुख्य मांगें थीं-आदिवासियों को जिन जंगल की जमीनों पर वर्षों से काबिज हैं उनका स्वामित्व दिया जाये, रेलवे भाड़ा कोरीड़ोर बनाने, बुलेट ट्रेन प्रोजैक्ट व देहेरजा सिंचाई प्रोजैक्ट में जिन किसानों की जमीनें अधिग्रहित है उन्हें उचित मुआवजा व उनका पुर्नवास तथा इसके साथ-साथ मछेरों के मुद्दे भी शामिल थे। लोकसभा चुनाव की घोषणा हो जाने के कारण इस प्रदर्शन के आयोजन पर रोक लगाने के बावजूद यह प्रदर्शन आयोजित किया गया तथा इसमें सैंकड़ों आदिवासियों, किसानों, मजदूरों व मछेरों ने भाग लिया।

 

 

 

 

हरियाणा डायरी

आरएमपीआई द्वारा मनाया गया शहीद दिवस

भारतीय क्रांतिकारी माक्र्सवादी पार्टी की तरफ से 23 मार्च को शहीदी दिवस मनाया गया है। उसकी अध्यक्षता रोहीराम ने की, मंच संचालन परमजीत लाली ने किया। राज्य सचिव तेजिंद्र रतिया व जिला सचिव सुखचैन रत्ताखेड़ा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के समय में शहीदों के विचारों की अहमियत और भी बढ़ गई है। आज देश शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव का 88वां शहीदी दिवस मना रहा है। इन तीनों क्रांतिकारी वीरों ने ब्रिटिश सामराज्यवाद के खिलाफ अपनी जानों को हंसते हंसते कुर्बान कर दिया। उनके विचारों व लोकप्रियता से घबराते हुए ही अंग्रेजों ने उन्हें तय समय से एक दिन पहले ही फांसी पर चढ़ा दिया। उन्होंने कहा था कि ‘‘हम तो सिर्फ आजादी की लड़ाई के पत्थर मात्र हैं बाकी की ईमारत तो आने वाली पीढिय़ों को बनानी होगी। ये जंग ना हमने शुरू की है और न ही हमारी मौत के साथ समाप्त होगी। देश के नौजवानों को एक बार फिर से आजादी की दूसरी लड़ाई लडऩी पड़ेगी।’’ उनके कहे शब्द आज भी हमें रास्ता दिखाते हैं। 71 वर्ष की आजादी के बाद भी देश भूखमरी, गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार व आतंकवाद का शिकार है। सत्ता हथियाने के लिए राजनीतिक पार्टियां लोगों को भी जात-पात व धर्म के नाम पर नफरत फैलाकर आपस में लड़वा रही है। जब से आर.एस.एस. के राजनीतिक विंग के रूप में बनी बी.जे.पी. सत्ता में आई है हालात बद से बदतर हो गये हैं। वायदा तो किया था 100 दिन में महंगाई, भ्रष्टाचार, कालाधन समाप्त करके हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार पैदा करने का, मगर 5 वर्ष पूरे होने को हैं सभी वायदे चुनावी जुमले बनकर रह गये है, जैसे कि विदेशी बैंकों में पड़ा भारतीयों का काला धन देश में लाकर 15 लाख हर व्यक्ति के खाते में डालने का वायदा, किसानों के लिए स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने व आतंक की रीढ़ नोटबंदी से तोडऩे का वायदा। बल्कि देश पर जी.एस.टी. थोपकर अर्थव्यवस्था को तहस नहस कर दिया गया। देश के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हमें शहीदों की विचारधारा से प्रेरणा लेकर उनके सपनों का समाजवादी देश बनाने के लिए देश के मजदूरों, किसानों, औरतों व नौजवानों को संघर्ष के लिए मैदान में लाना होगा। यही हमारी शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में भाना जादूगर ने भी तर्कशील आइटमें पेश करके लोगों को अन्धविश्वास से दूर रहने व शहीदों के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कई गावों के लोग हाजिर हुये। जीत सिंह रतिया, निर्भय रतिया, मलकीत रतिया, बलदेव मानकपुर, जीत नागपुर, सुखा लाली, हंस राज नक्टा, भोला सिंह नक्टा, रवि रतिया, भोला रतिया, अमरीक कलोठा आदि भी हाजिर थे।

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