हमें 99 प्रतिशत नागरिकों का भारत चाहिए, 1 प्रतिशत का हर्गिज नहीं
(ए.आई.पी.एफ. की बैठक 16-17 फरवरी को दिल्ली में हुई थी। जिसमें ज्वाइंट प्लेटफार्म आफ मास आर्गेनाइजेशंस (जे.पी.एम.ओ.) पंजाब की ओर से सर्वसाथी डा. सतनाम सिंह, परगट सिंह जामाराये, भीम सिंह, लाल चंद सरदूलगढ़, मोहन सिंह धमाणा, शिव कुमार,रमेश ठाकुर व घनश्याम ने भाग लिया। बैठक के बाद जारी हुआ घोषणापत्र पाठकों के समक्ष पेश है। – संपादक)
आल इंडिया पीपुल्स फोरम (एआइपीएफ) के बारे में
मोदी ने सत्ता में आते ही विपक्षविहीन राजनीति का प्रचार करना शुरु कर दिया था, यहां तक की मीडिया के बड़े हिस्से को भी सरकार की जी-हुजूरी करने वाले में तब्दील कर दिया। ऐसी स्थिति में जनता के सवालों-सरोकारों को आवाज देने के लिए 2015 में देशभर के कई प्रबुद्ध नागरिकों, जन संगठनों, सामाजिक आन्दोलनों, ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक पार्टियों ने मिलकर एआइपीएफ का निर्माण किया ताकि भाजपा की साम्प्रदायिक और कारपोरेट-परस्त नीतियों का विरोध किया जा सके। एआइपीएफ जनता के सवालों-सरोकारों के लिए संघर्षरत विभिन्न शक्तियों का मंच है वो आगामी चुनावों में जनता के बुनियादी सवालों को चुनावों के मुख्य एजेंडे के रूप में सामने लाकर फासीवादी ताकतों के खिलाफ जनमानस को तैयार करने के लिए प्रयासरत है हम चुनावों के बाद भी जन संघर्षों की अपनी भूमिका जारी रखेंगे।
क्या है भारत की जनता का घोषणापत्र- 2019 के चुनाव के लिए भारतीय जनता के घोषणापत्र की मुख्य बात है कि हमें 99 प्रतिशत नागरिकों का भारत चाहिए, सिर्फ 1 प्रतिशत का भारत हर्गिज नहीं।
जनता की मांग है कि :-
1. राफेल घोटाला, नोटबंदी घोटाला, घोटाले जिनमें जयशाह, विवेक डोभाल व पीयूष गोयल शामिल हैं, कर्मचारी चयन आयोग घोटाले, स्टार्ट अप इंडिया, व्यापमं, सृजन, सारधा व अन्य घोटालों के दोषियों को सजा दो। मजबूत लोकपाल की स्थापना करो। भ्रष्टाचार विरोधी कानून को कमजोर करने के प्रावधानों को वापस लो। प्राकृतिक संसाधनों की कारपोरेट लूट को समाप्त करो। अमीरों और कारपोरेट द्वारा टैक्स और बैंकों से लिए गए कर्ज को वापस करने की गारंटी करो। सीआईसी, सीवीसी और दूसरी जांच एजेंसियों की स्वायत्तता की गारंटी करो।
2. चुनावी भ्रष्टाचार को बढ़ाने वाली मोदी सरकार की चुनावी बाण्ड योजना को वापस लो, चुनावी चंदे में पूरी पारदर्शिता लागू करो, ‘सबसे ज्यादा वोट पाकर चुनाव जीतने’ की व्यवस्था की जगह आनुपातिक प्रतिनिधित्व लागू करो, मतपत्रों से चुनाव की व्यवस्था वापस लाओ।
3. देश के 1 प्रतिशत सर्वोच्च अमीरों को लिए बैंक कर्ज बंद करो, उन पर टैक्स बढ़ाओ, सम्पत्ति कर एवं उत्तराधिकार टैक्स लगाओ।
4. आवश्यक वस्तुओं के दाम घटाओ, सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू करो और सभी आवश्यक वस्तुओं का वितरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करो, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधार से जोडऩा बंद करो, राशन की जगह खातों में पैसा भेजने की प्रक्रिया पर रोक लगाओ।
5. मनरेगा को खेती से जोड़ कर कम से कम 250 दिनों के रोकागार की गारंटी करो, खेत मजदूरों और ग्रामीण कामगारों के लिए 500 रुपए प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी की गारंटी करो, रोजगार गारंटी योजना को शहरी इलाकों में विस्तारित करो।
6. बेरोजगारी को खत्म करो, खाली पड़े 24 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करो, सुरक्षित व सम्मानजनक रोजगार की गारंटी करो।
7. हर बच्चे को उसके पड़ोस में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कॉमन स्कूल व्यवस्था लागू करो। केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा दो। अध्यापकों की भर्ती में 200 प्वाइंट रोस्टर लागू करो। निजी शिक्षण संस्थाओं और कोचिंग सैंटरों पर लगाम लगाओ। आरक्षण पूरी तरह लागू करो। कैम्पस लोकतंत्र की गारंटी करो, संस्थाओं में त्रस्ष्ट्रस्॥ का गठन करो। महिला छात्रावासों में भेदभावपूर्ण नियमों और कफ्र्यू को समाप्त करो। दकियानूसी और घृणा फैलाने वाली पाठ्यपुस्तकों को वापस लेते हुए पाठ्यक्रमों में वैज्ञानिक व तार्किक सोच को बढ़ावा देने वाली सामग्री शामिल करो। कम सीटों के चलते होने वाली होड़ को खत्म करने के लिए उच्च शिक्षा में पर्याप्त सीटों की व्यवस्था करो।
8. सांप्रदायिक घृणा और दलितों के खिलाफ अत्याचार को रोकने में राज्य सरकार की जिम्मेदारी तय करने वाला कानून बनाओ।
9. वन अधिकार ष्टहृञ्ज/स्क्कञ्ज और क्कश्वस््र कानून कड़ाई से लागू करो और इन कानूनों पर हमला करना बंद करो।
10. विधान सभाओं और संसद में 33 फीसदी महिला आरक्षण कानून पारित करो।
11. आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की हिफाजत करो, सामाजिक और शैक्षिक स्तर पर उत्पीडऩ और भेदभाव का सामना न करने वालों के लिए संविधान संशोधन के द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान वापस लो।
12. कश्मीर और बस्तर के नागरिक इलाकों में सैन्य हस्तक्षेप खत्म करो और कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप कश्मीर समस्या का समाधान करो।
13. नागरिकता संशोधन कानून वापस लो। सभी राज्यों से डिटैंशन कैम्प खत्म करो। हृक्रष्ट को नफरत फैलाने और लोगों को बाहर करने के औजार की तरह इस्तेमाल करना बंद करो।